जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : ट्रांजिट कैंप निवासी व्यापारी को अगवा कर उसकी हत्या करने के आरोपित जीजा को पुलिस ने दो साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के मुताबिक आरोपित पर 1500 रुपये का ईनाम रखा गया था।

बता दें कि ट्रांजिट कैंप निवासी मनीष गुप्ता की मोहल्ले में ही दुकान थी। उसकी अपने जीजा सुरजीत से प्रॉपर्टी विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते सुरजीत ने अपने साले मनीष की हत्या का षड़यंत्र अपने भाई और भतीजों के साथ मिलकर रच दिया। 21 दिसंबर 2016 को मनीष गुप्ता लापता हो गया था। इस पर परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस दौरान परिजनों ने मनीष के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए उसके जीजा सुरजीत पर आरोप भी लगाए थे। इसका पता चलते ही सुरजीत फरार हो गया था। इस पर पुलिस का शक उस पर पक्का हो गया और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। इस दौरान सुरजीत का भाई मूलरूप से ग्राम भाऊनगला, थाना हजरतपुर, बदायूं निवासी राम निवास और भतीजा राहुल को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पूछताछ में दोनों टूट गए और मनीष की हत्या कर शव शाहजहांपुर में ठिकाने लगाने की बात कबूल की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मृतक के कंकाल बरामद कर डीएनए टेस्ट कराया था। टेस्ट में कंकाल मनीष के होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने सुरजीत की तलाश शुरू कर दी थी। सुरजीत की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने उस पर 1500 रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। इधर, मंगलवार को पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक ट्रांजिट कैंप जीबी जोशी ने बताया कि हत्यारोपित को जेल भेज दिया गया है।

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