यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
37 लाख के धोखेबाज अनिल खन्ना को ढूंढने में लग गए 26 साल, स्विट्जरलैंड में लिए हुए था पनाह; भारत लौटते ही गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के तत्कालीन सहायक प्रबंधक अनिल कुमार खन्ना के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर थाने में वर्ष 1998 ...और पढ़ें

मेरठ, जागरण संवाददाता। 26 साल से गौतमबुद्धनगर पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) जिस धोखाधड़ी के आरोपित उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के तत्कालीन सहायक प्रबंधक अनिल कुमार खन्ना को ढूंढ रही थी, वह स्विट्जरलैंड में पनाह लिए हुए था। सोमवार को भारत लौटते समय दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बाद आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया।
ईओडब्ल्यू की विवेचक नीतू ने बताया कि गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर थाने में वर्ष 1998 में धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा हुआ था। इस बीच अनिल कुमार खन्ना पुत्र केबी खन्ना एम-21 साकेत मंदिर मार्ग दिल्ली से भागकर स्विटजरलैंड पहुंच गया। उसी दौरान उसने 1088 वेस्ट मिनिस्ट्री एवेन्यू डिक्सहील्स रोड न्यूयार्क यूएसए में मकान बनाया और वहां भी काफी समय रहा।
धोखाधड़ी और गबन का दर्ज किया गया था मुकदमा
दुर्गा वायर एंड फिलामेंट प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा के प्रमोटरों द्वारा षड्यंत्र करके उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, क्षेत्रीय कार्यालय नोएडा से 37,05,000 शॉर्ट टर्म लोन लेने और उक्त फर्म के प्रोपराइटर पंकज खन्ना और उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के तत्कालीन सहायक प्रबंधक अनिल कुमार खन्ना के साथ मिलकर गबन किया। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाने में धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज किया गया। इस मुकदमे की विवेचना शासन के आदेश पर 17 जुलाई 2000 को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को दी गई।
दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार हुआ अनिल
सोमवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आरोपित अनिल कुमार खन्ना को गिरफ्तार कर लिया गया। ईओडब्ल्यू के अनुरोध पर सीबीआई ने उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करते हुए इंटरपोल से मदद मांगी थी। सीबीआइ के ग्लोबल आपरेशंस सेंटर ने अनिल कुमार खन्ना को भारत वापस लाने के लिए इंटरपोल एनसीबी-बर्न एवं ईओडब्ल्यू के साथ समन्वय किया। विवेचक नीतू सिंह ने अनिल को गौतमबुद्धनगर कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया।
