बाजपुर में पहचान और धर्म छिपाकर नाबालिग को फंसाया, शादी के बाद की प्रताड़ना; पति समेत 7 पर FIR
बाजपुर में एक युवती ने युवक पर नाबालिग अवस्था में पहचान और धर्म छिपाकर दोस्ती करने, प्रेमजाल में फंसाने और ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
युवक ने नाबालिग युवती से पहचान-धर्म छिपाकर दोस्ती की।
प्रेमजाल में फंसाकर शादी, फिर दहेज के लिए प्रताड़ित किया।
पति समेत सात पर FIR, धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस।
संवाद सहयोगी, बाजपुर। सुल्तानपुर पट्टी क्षेत्र निवासी एक युवती ने युवक पर नाबालिग अवस्था में पहचान छिपाकर इंस्टाग्राम के माध्यम से दोस्ती करने, प्रेमजाल में फंसाने और धर्म छिपाकर शादी करने का आरोप लगाया है। युवती का आरोप है कि शादी के बाद पति और उसके स्वजन ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति समेत सात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने तहरीर देकर बताया कि ग्राम कनौरा निवासी इमरान पुत्र इरफान ने नाबालिग अवस्था में अपनी पहचान छिपाकर इंस्टाग्राम के माध्यम से उनसे दोस्ती की थी। आरोप है कि इमरान ने उन्हें प्रेमजाल में फंसाकर बैलपड़ाव में किराये के कमरे में रखा और शादी का झांसा देकर करीब एक वर्ष तक उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती का आरोप है कि इमरान ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर उनसे विवाह किया।
शादी के वक्त उसकी उम्र करीब 17 वर्ष थी। बाद में जब उसे पति के धर्म के संबंध में जानकारी हुई तो इमरान और उसके स्वजन ने उन्हें गोश्त खिलाने का प्रयास किया। इसके बाद पति और ससुराल पक्ष के लोग दहेज को लेकर ताने देने लगे और लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। तहरीर के मुताबिक, विरोध करने पर आरोपितों ने युवती के साथ मारपीट और गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी भी दी। युवती ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को शिकायत दी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर इमरान, जेबुल निशा, आयान, उस्मान, मुस्कान, शबनम और इरफान निवासी ग्राम कनौरा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2), 137(2), 87, 85, 115(2), 351(3) और 352 के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 तथा उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 के तहत मामला पंजीकृत किया है। मामले की विवेचना महिला उपनिरीक्षक प्रियंका टम्टा को सौंपी गई है। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है।
