विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ऊधमसिंह नगर में फर्जी प्रमाण पत्र गिरोह का खुलासा प्रशासनिक कार्रवाई से हड़कंप

Published: Thu, 24 Sep 2026 12:01 AM (IST)

बाजपुर में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश और रोजगार से जुड़े फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. बाजपुर में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़।

  2. बरखेड़ा चेयरमैन सहित चार संदिग्ध हिरासत में, पूछताछ जारी।

  3. मेडिकल प्रवेश, रोजगार से जुड़े 19 अन्य मामलों की जांच।

संवाद सहयोगी, जागरण बाजपुर। बाजपुर में मेडिकल कालेजों में प्रवेश और रोजगार से जुड़े फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराने के कथित मामले का प्रशासन ने बुधवार को भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की। प्रशासनिक टीम ने उत्तर प्रदेश के बरखेड़ा (पीलीभीत) नगर पंचायत के चेयरमैन समेत एक महिला सहित चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

प्रारंभिक जांच में कुछ प्रमाण पत्रों के लिए गलत पते का इस्तेमाल करने, फर्जी गवाह पेश करने तथा दस्तावेजों में कूटरचना किए जाने की बात सामने आई है। मामले में प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को एडीएम पंकज उपाध्याय, एसडीएम ऋचा शर्मा, सीओ अखिलेश कुमार, कोतवाल नरेश चौहान, तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान समेत राजस्व विभाग की टीम तहसील कार्यालय में मौजूद रही।

WhatsApp Image 2026-09-23 at 10.11.12 PM

अधिकारियों ने संदिग्धों से प्रमाण पत्र तैयार कराने की प्रक्रिया, दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले लोगों तथा इस पूरे मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ की।

बुधवार देर रात तहसील कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश सरकार और उच्च अधिकारियों, आयुक्त एवं जिलाधिकारी के निर्देश पर विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं, विशेषकर इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि में प्रवेश तथा रोजगार से संबंधित दस्तावेजों का एसडीएम स्तर पर गहन सत्यापन कराया जा रहा है।

इसी क्रम में बाजपुर एसडीएम के समक्ष मेडिकल कालेजों में प्रवेश के लिए प्रस्तुत किए गए कुछ दस्तावेज सत्यापन के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों और संबंधित पतों के भौतिक सत्यापन के दौरान कई पते गलत पाए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में गलत व्यक्तियों को मकान मालिक और चाचा बनाकर तहसील कार्यालय में सत्यापन के लिए पेश किया गया।

सख्ती से पूछताछ किए जाने पर उत्तर-प्रदेश के बरेली क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा बाजपुर के पते पर प्रमाण पत्र तैयार कराने का कथित प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आई।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि वोटर लिस्ट, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, आधार कार्ड और स्कूल प्रमाण पत्र आदि दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर उन्हें कूटरचित तरीके से तैयार कराया गया।

अधिकारियों द्वारा अब इन दस्तावेजों की मूल अभिलेखों से जांच कराई जा रही है। फर्जी पाए गए प्रमाण पत्रों को निरस्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। एडीएम ने बताया कि अब तक सामने आए मामलों में मेडिकल कालेजों में प्रवेश से संबंधित प्रमाण पत्रों की संख्या अधिक है।

इसलिए इस पहलू की भी गहनता से जांच कराई जा रही है कि कहीं किसी संगठित गिरोह या सिंडिकेट द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर राज्य के छात्रों के हितों को प्रभावित करने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि पुलिस को स्थानीय स्तर पर किसी सिंडिकेट अथवा कर्मचारियों की मिलीभगत की संभावना को भी ध्यान में रखते हुए गहराई से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

यदि किसी व्यक्ति ने गलत दस्तावेजों के आधार पर लाभ लिया है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे मामलों में प्राप्त प्रवेश को भी नियमानुसार निरस्त कर सीट रिक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, जनपदभर में फर्जीवाड़े से जुड़े 19 अन्य संदिग्ध मामलों को भी जांच के लिए संबंधित उपजिलाधिकारियों के पास भेजा गया है। इन मामलों का परीक्षण तीन दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, बरखेड़ा पीलीभीत नगर पंचायत के चेयरमैन की कथित संलिप्तता की जानकारी सामने आने के संबंध में एडीएम ने कहा कि इस संबंध में तथ्य सामने आए हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

प्रशासनिक टीम द्वारा दस्तावेजों की जांच और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मामले में प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। कार्रवाई की सूचना से फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराने और बनवाने वाले कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों में खलबली मची हुई है।

गलत पते पर तैयार कराए जा रहे थे प्रमाण पत्र

प्रारंभिक जांच में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए बाजपुर क्षेत्र के ऐसे पतों का इस्तेमाल किया गया, जहां संबंधित व्यक्ति का निवास ही नहीं पाया गया।

भौतिक सत्यापन के दौरान गलत पते सामने आने पर अधिकारियों ने संबंधित लोगों से पूछताछ की। कुछ मामलों में गलत व्यक्तियों को मकान मालिक और रिश्तेदार बनाकर सत्यापन के लिए पेश किए जाने की बात भी सामने आई है।

जनपद में 19 अन्य संदिग्ध मामलों की भी होगी जांच

फर्जी प्रमाण पत्रों के मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने जनपदभर में 19 अन्य संदिग्ध प्रकरणों को भी जांच के लिए संबंधित उपजिलाधिकारियों को भेजा है। अधिकारियों को तीन दिन के भीतर इन मामलों का परीक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें- विधानसभा चुनाव से पहले बाजपुर में कांग्रेस को मिली मजबूती, पांच सिख नेता हुए शामिल, तीन को नई जिम्मेदारी

प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में स्थानीय स्तर पर किसी सिंडिकेट अथवा कर्मचारियों की मिलीभगत तो नहीं है।

यह भी पढ़ें- बाजपुर में Cyber अपराधियों के इंटरनेट कॉल बदलने वाला नेटवर्क पकड़ा, कादिर अली गिरफ्तार; बांग्लादेशी कनेक्शन का खुलासा