जासं, काशीपुर : थाना आइटीआइ पुलिस ने एनएच-74 भूमि अधिग्रहण घोटाले मामले में एक किसान की और गिरफ्तारी की है। पुलिस ने किसान की गिरफ्तारी के बाद उसे पंतनगर एसआइटी के सुपुर्द कर दिया है। इससे पहले पुलिस ने दो किसानों के घरों पर भी नोटिस चस्पा किया था, लेकिन दोनों ने गिरफ्तारी से पहले ही सरेंडर कर दिया है।

उत्तराखंड के सबसे बड़े तीन सौ करोड़ रुपये के एनएच-74 भूमि अधिग्रहण घोटाले में किसानों से लेकर आइएएस अफसरों तक पर तलवार लटक चुकी है। मामले में एसआइटी की जांच अभी भी आगे बढ़ रही है। इस मामले में थाना आइटीआइ क्षेत्र के ग्राम गिन्नीखेड़ा निवासी बरिदर पुत्र दलजीत पर भी पंतनगर में केस दर्ज था। बताया जा रहा है कि बरिदर ने 34 करोड़ रुपये मुआवजा लिया था। आइटीआइ थाना पुलिस एसआइटी से किसान की गिरफ्तारी के आदेश मिले थे। जिसके बाद पुलिस ने शनिवार को बरिदर को ढकिया स्थित छीना फार्म से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसे पंतनगर एसआइ के सुपुर्द कर दिया। इससे पहले आइटीआइ पुलिस ने गिन्नीखेड़ा के विक्रमजीत और मंजीत के खिलाफ भी गिरफ्तारी न देने पर नोटिस चस्पा किया था, लेकिन दोनों ही किसानों ने नोटिस चस्पा होने के बाद एसआइटी के समक्ष सरेंडर कर दिया था। थानाध्यक्ष कुलदीप अधिकारी ने बताया कि किसान की गिरफ्तारी कर उसे पंतनगर स्थित एसआइटी के समक्ष पेश कर दिया।

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Posted By: Jagran

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