रुद्रपुर: उड़ीसा में बर्ड फ्लू के मामले पाए जाने पर पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशु चिकित्साधिकारियों को अपने क्षेत्रों में विदेशी पक्षियों और मुर्गियों पर नजर रखने की हिदायत दी है।

ऊधमसिंह नगर में नानकमत्ता, हरिपुरा, बौर, शारदा सागर, तुमडि़या आदि जलाशयों में सर्दी के मौसम में विदेशी पक्षी प्रवास करते हैं। इन प्रवासी पक्षियों से बर्ड फ्लू फैलने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में विभाग इन पक्षियों और पोल्ट्री फार्मो पर नजर रखता है। पशुपालन विभाग के अनुसार जिले में 46 पोल्ट्री फार्म हैं। इनमें करीब 12 लाख मुर्गियों का पालन होता है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एमएस नयाल ने बताया कि जिले में नवंबर माह में साइबेरियन क्रेन, ग्रेटर फ्लेमिंगों, रफ, रोजी पेलिकन समेत करीब 18 प्रजातियों के पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। वे फरवरी व मार्च में वापस चले जाते हैं। उड़ीसा में दो दिन पहले बड़ी संख्या में मुर्गियां व कौवे काल कलवित हुए। इनकी जांच में एच-5एन-1 के लक्षण पाए गए। इस घटना के बाद बर्ड फ्लू की आशंका के मद्देनजर जिले के पशु चिकित्साधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है। उन्हें हिदायत दी गई है कि यदि कहीं 10-12 मुर्गियां मरती हैं तो उनके नमूने मध्यप्रदेश में भोपाल की हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब में जांच के लिए भेजे जाएं। साथ ही पोल्ट्री फार्म स्वामियों से भी कहा गया है कि अचानक मुर्गियां मरने पर इसकी सूचना तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय को दी जाए।

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