संवाद सहयोगी, खटीमा : मंडी समिति में पंखों की व्यवस्था ना होने से कच्चा आढ़ती तौल नहीं हो सकी। पूरे दिन करीब डेढ़ सौ से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालिया परिसर में धान की फसल से लदी खड़ी रहीं। इस दौरान किसानों व मंडी समिति सचिव के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

सोमवार को मंडी समिति परिसर में सुबह से ही किसान बड़ी संख्या में अपनी फसल को ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर पहुंचने लगे। दोपहर तक परिसर में किसानों की करीब 150 ट्रालियां मंडी में एकत्र हो गई। वहीं कच्चा आढ़ती भी अपने-अपने फड़ लगाकर बैठ गए। शासन की गाइड लाइन के अनुसार जब तौल शुरू हुई तो मंडी में 40 फड़ों के लिए एक ही पंखा नजर आया। यह देख किसान भड़क उठे। उनका कहना था कि एक पंखे से कैसे तौल हो सकेगी। पूरे दिन भर में एक ट्राली धान भी नहीं तुल सकेगा। इसको लेकर उनकी मंडी समिति सचिव विनोद पलडि़या से नोकझोंक भी हुई। किसानों ने मांग की कि पूर्व की भांति सहमति के आधार पर ही तौल शुरू कराई जाए। इसको लेकर किसानों व कच्चा आढ़तियों के बीच वार्ता चल रही है। जिसमें दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ठाकुर महेंद्र सिंह ने कहा कि पूरी मंडी में एक ही पंखा है। ऐसी स्थिति में धान क्रय कैसे हो सकेगी। मंडी प्रशासन व कच्चा आढ़ती एक दूसरे पर आरोप लगाकर गाइड लाइन के तहत तौल करने से बच रहे है।

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तीन दिन बीतने के बाद भी नहीं हो सकी व्यवस्था

जिलाधिकारी रंजना राजगुरु के निर्देश के बाद मंडी में कच्चा आढ़ती तौल के लिए मंडी प्रशासन पंखें एवं अन्य संसाधन नहीं जुटा सका।

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एक दूसरे पर मढ़ी तोहमत

मंडी में कच्चा आढ़ती के तहत धान क्रय करने के लिए पंखों की व्यवस्था को लेकर मंडी प्रशासन एवं कच्चा आढ़ती एक दूसरे पर व्यवस्था किए जाने की बात कहकर तोहमत मढ़ने लगे। मंडी अधिकारियों का कहना था कि पंखे की व्यवस्था करने का जिम्मा कच्चा आढ़ती का है। जबकि कच्चा आढ़तियों ने कहा कि पंखें उपलब्ध कराना मंडी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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