संवाद सूत्र, कंडीसौड़: थौलधार विकास खण्ड के मध्य में स्थित गुसाईं पट्टी के मैंडखाल क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतें पेयजल संकट के स्थाई समाधान के लिए वर्षों से लिफ्ट पेयजल योजना निर्माण की मांग कर रहे हैं। लेकिन पूर्व में मुख्यमंत्री व पेयजल मंत्री के आश्वासन के बाद भी अभी तक शासन-प्रशासन स्तर से कोई पहल नहीं होने से लोग मायूस हैं।

गुसाईं पट्टी के इन में मैंडखाल कस्बा, इडियान, मंजरुवाल, पंदोगी, नकोट, बगोड़ी, कोशल, ढरोगी, पगारी, भंडार्की, धमाड़ी, खमोली, जसकोट, नौली, कांगुड़ा नागराजा सिद्धपीठ आदि शामिल हैं। कौशल स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास अपने निर्माण के समय से ही पिछले चार वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहा है। इन सभी गांवों के लिए अलग-अलग स्त्रोत आधारित पेयजल विभाग,ग्राम पंचायत एकल पेयजल योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण गर्मियों में एवं कम वर्षा होने की स्थिति में अधिकांश समय पेयजल संकट बना रहता है।

समाजसेवी जगदीश प्रसाद भट्ट, सत्तेश्वर प्रसाद जुयाल, मैंडखाल व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रेमलाल जुयाल, कांगुड़ा नागराजा सिद्धपीठ मंदिर समिति के अध्यक्ष दिलवर सिंह रावत आदि का कहना है कि क्षेत्र में कागुड़ा सिद्धपीठ ऊंचाई पर स्थित है। सिद्धपीठ की उत्तर दिशा की खाई में लगभग चार किमी की दूरी पर ढिक्यारा गदेरा बहता है जो सीधा राष्ट्रीय राजमार्ग के पास टिहरी बांध झील में गिरता है।क्षेत्र की जनता वर्षों से ढिक्यारा गदेरे से कांगुड़ा लिफ्ट पंपिग पेयजल योजना निर्माण की मांग कर रही है। मैंडखाल भ्रमण के एक अवसर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा एवं राइंका मैंडखाल के कार्यक्रम में 2018 में तत्कालीन पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने भी उक्त योजना की आवश्यकता को महसूस करते हुए जनता की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। जलनिगम के अधिशासी अभियंता आलोक कुमार का कहना है कि यह मामला शासन स्तर का है।

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Posted By: Jagran

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