संवाद सहयोगी, नई टिहरी: जिला मुख्यालय में प्राथमिक विद्यालयों को दशकों बाद भी अपना भवन नहीं मिल पाया। एक ओर तो शिक्षा के स्तर को सुधारने के सरकार दावे करती है वहीं बुनियादी सुविधाओं को नजरअंदाज किया जाता है। नई टिहरी स्थित दो प्राथमिक विद्यालय एक दशक से भी अधिक समय से सरकारी आवासीय भवनों में संचालित हो रहे हैं, लेकिन अभी तक इनके अपने भवन नहीं बन पाए। अपना भवन नहीं होने से छात्रों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वर्ष 2005 में टिहरी बांध की अंतिम टनल बंद होने के बाद पुरानी टिहरी से सभी कार्यालय व स्कूल नई टिहरी में शिफ्ट हो गए थे। उन्हीं में पुरानी टिहरी के दो प्राथमिक विद्यालय भी शामिल हैं। इन विद्यालयों को उस समय नई टिहरी के आवासीय भवन डी व जी ब्लॉक में शिफ्ट किया था, लेकिन तब से यह विद्यालय इन सरकारी आवासीय भवनों में संचालित हो रहे हैं। इतने साल बीतने के बाद भी अभी तक भवन निर्माण तो दूर विद्यालय भवनों के लिए जगह भी उपलब्ध नहीं हो पाई है। आवासीय विद्यालयों के दो या तीन कमरों में प्राथमिक विद्यालय चल रहे हैं, जहां पर जगह की कमी बनी हुई है। इन्हीं कमरों में कक्षाएं, कार्यालय के अलावा मिड डे मील भोजन बनाया जाता है। भवन में पर्याप्त आंगन की सुविधा भी नहीं है जहां पर बच्चे खेल सके या अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा सके। यह भवन आवासीय है और इनके आस-पास लोग निवास करते हैं वहीं यहां पर लोगों का आना-जाना लगा रहता है आस-पास में शोरगुल होने के कारण पठन-पाठन भी प्रभावित होता है। एक से पांच तक की कक्षाएं इन्हीं कमरों में संचालित होती हैं। यदि कोई खेल गतिविधियां आयोजित करवानी होती है तो यहां पर प्रांगण का अभाव बना हुआ है। इन प्राथमिक विद्यालयों का अपना भवन नहीं होने से कई अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। - अभी तक इन विद्यालयों के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पाई है। जगह मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सुदर्शन बिष्ट

जिला शिक्षाधिकारी बेसिक

Posted By: Jagran

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