संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: नियमों को ताक में रखकर खांकरा में ऑलवेदर रोड के निर्माण के तहत बन रहे सिरोबगड़ बाईपास पुल का मलबा चित्रमति गदेरे में डाला जा रहा है, जिससे पानी का बहाव रुक गया है। ऐसे में बरसात में यह मलबा खांकरा गांव के लिए खतरा बन सकता है। वहीं स्थानीय लोगों ने इस पर गंभीर आपत्ति जताते हुए तत्काल मलबा हटाने की मांग की है। साथ ही ऐसा न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

बदरीनाथ हाईवे पर रुद्रप्रयाग से श्रीनगर की ओर 10 किलोमीटर दूर खांकरा में सिरोबगड़ बाईपास के तहत चित्रमति गदेरे में पुल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण के लिए गदेरे में जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही है और मलबा सीधे गदेरे में डाला जा रहा है। जबकि नियमानुसार मलबे को डंपिग जोन में डाला जाना चाहिए था। गदेरा संकरा होने के कारण यहां पर गदेरे का बहाव रुक गया है। ग्राम पंचायत खांकरा के पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र प्रसाद ममगाईं, पूर्व प्रधान प्रदीप मलासी, व्यापार संघ अध्यक्ष बुद्धिबल्लभ थपलियाल आदि का कहना है कि बाईपास के लिए तीसरे पुल के निर्माण में कार्यदायी संस्था व एनएच अथॉरिटी की ओर से पर्यावरण संरक्षण के नियमों की घोर अनदेखी की जा रही है।

पुल के एबेडमेंट निर्माण के लिए हो रही खुदाई से निकल रहा मलबा गदेरे में डाला जा रहा है, जहां काफी बड़े हिस्से में मिट्टी के ढेर लग चुके हैं। बदरीनाथ हाईवे पर हो रही कटिग का मलबा भी सीधे गदेर में फेंका जा रहा है। कार्यदायी संस्था को कई बार अवगत कराने पर भी मलबा नीचे ही डाला जा रहा है। उन्होंने गदेरे में डाले गए मलबे की सफाई कर पानी का बहाव निरंतर रखने की मांग की है। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस संबंध में कार्यदायी संस्था को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।

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