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राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में किए दर्शन, देश-प्रदेश की खुशहाली का मांगा आशीर्वाद

Published: Sat, 24 Oct 2026 10:31 PM (IST)

राज्यपाल ने पहली बार केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने देवभूमि की स्वच्छता, नशामुक्ति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का आह्वान किया।

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संवाद सहयोगी जागरण, रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद पहली बार केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम पहुंचकर दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने देश एवं प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए बाबा केदार से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना की।

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इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि बाबा केदारनाथ की कृपा से उन्हें दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड को नमन करते हुए राज्यपाल के रूप में सेवा का अवसर प्रदान करने के लिए शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।

राज्यपाल ने कहा कि केदारनाथ धाम में देश-विदेश से श्रद्धालु आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। देवभूमि की पवित्रता बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से उत्तराखंड को स्वच्छ एवं नशामुक्त बनाने में सहयोग देने की अपील की।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और ‘नशामुक्त भारत’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का संरक्षण आवश्यक है। विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। 

भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर की पूजा-अर्चना

केदारनाथ के साथ ही राज्यपाल ने भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। राज्यपाल ने भगवान बद्री विशाल से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, उन्नति एवं जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल ने श्रद्धालुओं से देवभूमि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक विरासत एवं विशिष्ट पहचान को संरक्षित रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि देवभूमि की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित एवं देशहित में सकारात्मक भूमिका निभाते हुए सामाजिक सद्भाव, आपसी सहयोग और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना चाहिए।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों की मर्यादा का पालन करने, प्रदेश को स्वच्छ एवं नशामुक्त बनाने तथा उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देने देने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने यात्रा व्यवस्थाओं सहित बद्रीनाथ महायोजना की कार्ययोजना को लेकर भी जानकारी ली। तथा विजिटर पंजिका में भी अपने अनुभव दर्ज़ किए। इस दौरान उन्होंने भगवान बद्री विशाल से समस्त श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करने तथा प्रदेश में निरंतर सुख, शांति एवं समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।

राज्यपाल के दौरे के दौरान चमोली और रुद्रप्रयाग दोनों जिलों के जिलाधिकारी, मंदिर कमेटी के पदाधिकारी और राज्यपाल की पत्नी भानुमति बिसेन भी मौजूद रहीं।

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