उत्तराखंड के नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन बोले, राज्य की विकास योजनाओं को देंगे गति
राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड को आस्था, संस्कृति और वीरता की भूमि बताते हुए कहा कि वे राज्य ...और पढ़ें


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राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड को आस्था, संस्कृति और वीरता की भूमि बताते हुए कहा कि बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित आदि कैलास व जागेश्वर धाम प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान हैं। यहां के सैनिक, सशक्त मातृशक्ति, युवा और किसान राज्य की ताकत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश विकास के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्हाेंने कहा कि वह राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण , रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। लोकभवन में सोमवार को राज्यपाल डॉ. बिसेन ने वैदिक मंत्रोचार के बीच कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश किया।
शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने देवभूमि की सेवा का अवसर प्रदान करने के लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि देवभूमि के साथ ही यह प्रदेश की वीरभूमि भी है। यहां प्रत्येक परिवार से कोई न कोई सदस्य देश की रक्षा में अपनी सेवाएं देता है।
यहां की मातृ शक्ति अद्भुत रूप से सशक्त एवं प्रेरणादायी है और यहां के युवा, किसान तथा समस्त समाज कर्मठ एवं मजबूत है। यही कारण है कि उत्तराखंड विकास के विभिन्न पायदानों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस विजन का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को साकार करने के लिए विकास की गति को निरंतर आगे बढ़ाना होगा।
इसके लिए सरकार और जनता के साथ मिलकर काम करना आवश्यक है। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत और विजय बहुगुणा सहित कई गण्यमान्य उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, खजान दास और मदन कौशिक के साथ सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह व महेन्द्र भट्ट भी समारोह में शामिल हुए।
इसके अतिरिक्त योग गुरु स्वामी रामदेव, परमार्थ निकेतन के प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा उच्च न्यायालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह का संचालन मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने किया।
