यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarakhand Forest Fire: जंगलों में आग लगाने वालों पर बड़ी कार्रवाई, तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज; गिरफ्तार कर भेजा जेल
Uttarakhand Forest Fire प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग अभिमन्यु के नेतृत्व में गठित वनाग्नि सुरक्षा दल ने नरेश भट्ट को जंगल में ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग : Uttarakhand Forest Fire: वनों में आग लगाने वालों की खैर नहीं। शुक्रवार को तीन लोगों को जंगल में आग लगाने पर मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग अभिमन्यु के नेतृत्व में गठित वनाग्नि सुरक्षा दल ने नरेश भट्ट को जंगल में आग लगाते हुए तड़ियाल गांव तहसील-जखोली से मौके पर पकड़ा है।
आरोपित का कहना है कि बकरियों के लिए नई घास उग सके, इसलिए उसने जंगल में आग लगाई। मौके पर वन क्षेत्राधिकारी (दक्षिणी जखोली) की ओर से आरोपित को हिरासत में लेकर जेल भेजने की कार्रवाई की गई। वहीं, उत्तरी जखोली के डंगवाल गांव में हेमन्त सिंह एवं भगवती लाल को जंगल में आग लगाते हुए मौके पर पकड़कर जेल भेजा गया।
वन अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किया जाएगा अपराध
प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग अभिमन्यु ने बताया कि जंगल में आग लगाने वालों के विरुद्ध वन अधिनियम के अंतर्गत अपराध दर्ज किया जाएगा। अपराधियों को पकड़ने के लिए प्रभाग स्तर पर वनाग्नि सुरक्षा दल गठित किया गया है। अभी तक इस वर्ष कुल 19 मुकदमें दर्ज किए गए हैं, जिसमें से तीन मुकदमें नामजद हैं तथा 16 मुकदमों में जांच जारी है।
वनाग्नि क्रू-स्टेशन एवं मोबाइल क्रू-स्टेशन की ओर से वनाग्नि नियंत्रण किया जा रहा है। साथ ही उड़नदस्ता दल की ओर से समस्त रेंजों में सैटेलाइट, कैमरों एवं दूरबीन के माध्यम से अपराधियों को पकड़ने का कार्य किया जा रहा है।
वनाग्नि रोकथाम के लिए वन विभाग के प्रयासों के साथ-साथ जन सहभागिता एवं जनभागीदारिता आवश्यक है। वनाग्नि सुरक्षा दल में उप प्रभागीय वनाधिकारी देवेन्द्र सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी पवन नेगी, उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहन सिंह, उप वन क्षेत्राधिकारी दक्षिणी जखोली केसी नैनवाल, वन आरक्षी सुरजन सिंह नेगी तथा अन्य सदस्य मौजूद थे।
