संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: जनपद के सीमांत गांव तोषी का वर्षों पुराना मोटरमार्ग का सपना साकार होने जा रहा है। डेढ़ दशक से वन कानूनों में उलझे निर्माणाधीन त्रियुगीनारायण-तोषी मोटरमार्ग को नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड भारत सरकार की सैद्धातिक अनुमति मिलने के बाद केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण से वन भूमि की स्वीकृति भी मिल चुकी है।

वन निगम की ओर से पेड़ों की छपान होने के बाद इसी वर्ष मोटरमार्ग पर कटिग का कार्य विधिवत शुरू हो जाएगा। जिसको लेकर लोनिवि ने टेंडर समेत अन्य समस्त तैयारियां पूरी कर ली है। वर्ष 2005-06 में केदारघाटी के अन्तर्गत छह किमी त्रियुगीनारायण-तोषी मोटरमार्ग के लिए शासन से 1.5 करोड़ की स्वीकृति मिली थी। इसके बाद लोनिवि न इसी दौरान मोटरमार्ग का निर्माण भी शुरू किया था, लेकिन एक किमी मार्ग में सेंचुरी एरिया होने से मोटरमार्ग निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। वन कानून का पेंच हटाने में विभाग को लंबा समय बीत गया।

वर्तमान में तोषी गांव के करीब चालीस परिवार की 250 से अधिक जनसंख्या यहां निवास करती है। गांव में यातायात के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, पानी समेत जैसी बुनियादी सुविधा से महरूम इस गांव के वाशिंदे आज भी करीब सात किमी का पैदल सफर सड़क मार्ग त्रियुगीनारायण पहुंचते हैं। गांव में छात्राओं को आठवीं के बाद आगे की शिक्षा के लिए छात्रों को प्रतिदिन घने जंगलों से होकर राइंका त्रियुगीनारायण आना-जाना पड़ता है। गांव के बीमार के साथ ही गर्भवती महिलाएं के सामने जीने मरने की समस्या खड़ी हो जाती है।

निर्माणाधीन त्रियुगीनारायण-तोषी मोटरमार्ग को राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड भारत सरकार की अनुमति मिलने के बाद वन भूमि हस्तांतरण की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। वन निगम को पेड़ों के छपान के लिए पत्र भेजा जा चुका है। मोटरमार्ग में आ रहे पेड़ों का छपान होने के के बाद शीघ्र मोटरमार्ग का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही उपरोक्त डेढ़ करोड़ के बजट में दो किमी मोटरमार्ग का निर्माण के बाद शेष कार्य के लिए रिवाइज स्टीमेंट शासन को भेजा जाएगा।

मनोज भट्ट

अधिशासी अभियंता, लोनिवि प्रखंड ऊखीमठ

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