संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग जिले में एशिया के पहले माउंटेन मेडिसिन इंस्टीट्यूट बनाने की कवायद अभी शुरू नहीं हो पाई है। दो वर्ष पूर्व सिक्स सिग्मा हाई आल्टीट्यूड मेडिकल सर्विस ने जिले में माउंटेन मेडिसन इंस्टीट्यूट के निर्माण के लिए तीन एकड़ भूमि देने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लेकिन, मुख्य सचिव की ओर से तत्काल भूमि उपलब्ध कराने के आदेश के बावजूद अभी तक इसके लिए भूमि न मिलने से निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इंस्टीटयूट निर्माण से केदारनाथ, बदरीनाथ समेत चारधाम व हाई आल्टीट्यूड में मेडिकल सर्विस के लिए डाक्टर तैयार किए जाने थे।

जून 2019 में सिक्स सिग्मा ने जनपद को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस करने के लिए माउंटेन मेडिसन इंस्टीट्यूट विकसित करने के लिए तत्कालीन मुख्य सचिव उत्पल कुमार को तीन एकड़ भूमि देने का प्रस्ताव दिया था। इंस्टीट्यूट निर्माण के लिए अगस्त्यमुनि के पंवालिया और ऊखीमठ के मक्कू में भूमि का चयन कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। लेकिन, अभी तक निर्माण को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। यदि समय से इंस्टीट्यूट को अनुमित मिलती तो स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बाहरी जनपदों की दौड़ नहीं लगानी पड़ती, वहीं स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार भी मिलता। इसके अलावा सिक्स सिग्मा की ओर से यहां आपदा को देखते हुए स्थानीय निवासियों को प्रशिक्षित करने की योजना थी। सिक्स सिग्मा के सीईओ एवं मेडिकल डायरेक्टर डा. प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि यदि भूमि मिल जाती तो यह देश ही नहीं एशिया का पहला इंस्टीट्यूट होता। बताया कि केदारनाथ आपदा के दौरान भी मेडिकल टीम ने आपदा में फंसे व्यक्तियों को रेस्क्यू के साथ ही मेडिकल सहायता भी दी थी।

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