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केदारनाथ यात्रा पर भारी वर्षा का असर: हवाई सेवा ठप, पैदल मार्ग फिसलन भरा

Published: Mon, 01 Jun 2026 06:43 PM (GMT+05:30)

लगातार वर्षा के कारण केदारनाथ यात्रा में बाधा आ रही है, जिससे हवाई सेवाएं और पैदल मार्ग दोनों प्रभावित हुए हैं। हजारों हेलीकॉप्टर टिकट रद हो गए हैं।

केदारनाथ में वर्षा से बचने के लिए बरसाती पहने श्रद्धालु। साभार: सतीश गैरोला

केदारनाथ में वर्षा से बचने के लिए बरसाती पहने श्रद्धालु। साभार: सतीश गैरोला

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संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। केदारघाटी में लगातार हो रही वर्षा ने विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा में चुनौतियां पैदा कर दी हैं।

मौसम की अनुकूल परिस्थितियों के कारण जहां हवाई सेवाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं, वहीं केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। वर्षा और कड़ाके की ठंड के बीच यात्रा करना श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बन गया है।

इन दिनों लगातार हो रही वर्षा के चलते बड़ी संख्या में हेलीकाप्टर सेवाएं निरस्त हो रही हैं। अब तक पांच हजार से अधिक टिकट रद हो चुके हैं।

कई यात्री ऐसे भी हैं जिन्हें टिकट निरस्त होने के बाद बिना बाबा केदार के दर्शन किए ही लौटना पड़ रहा है, क्योंकि वह पैदल यात्रा करने में सक्षम नहीं हैं। लगातार मौसम खराब रहने से यात्रियों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।

Kedarnath Dham Rain

दूसरी ओर केदारनाथ पैदल मार्ग पर लगातार वर्षा के कारण फिसलन बढ़ गई है। मार्ग पर जगह-जगह पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। भूस्खलन की आशंका के चलते यात्रियों को संभलकर चलना पड़ रहा है।

घोड़े-खच्चरों के संचालन पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। फिसलन के कारण कई जगहों पर घोड़े फिसल रहे हैं, जिससे यात्रियों में डर का माहौल बना हुआ है। कई श्रद्धालु अब घोड़े में बैठने से भी कतरा रहे हैं।

वर्षा और ठंड के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ रही हैं। केदारनाथ धाम में तापमान शून्य से नीचे पहुंचने से हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ गया है।

वर्षा में भीगने के कारण कई यात्री ठंड की चपेट में आ रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार ने बताया कि मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील जगहों पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जा रहा है तथा लगातार निगरानी रखी जा रही है। ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

मौसम की मार के बीच श्रद्धालुओं की आस्था अब भी अडिग बनी हुई है, लेकिन प्रशासन लगातार यात्रियों से सावधानी बरतने और मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील कर रहा है।

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