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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kedarnath Update: मौसम खराब होने से चिनूक नहीं भर सका केदारनाथ के लिए उड़ान, 700 यात्रियों का सफल रेस्क्यू

Published: Sat, 03 Aug 2024 12:22 AM (IST)

Kedarnath Latest News - केदारघाटी में अत्यधिक बारिश के कारण जगह-जगह अवरुद्ध हुए केदारनाथ पैदल मार्ग व केदारनाथ धाम में ...और पढ़ें

गौचर हवाई पटटी पर मौसम साफ होने का इंतजार करता सेना का चिनूक हेलीकाप्टर। सूवि
गौचर हवाई पटटी पर मौसम साफ होने का इंतजार करता सेना का चिनूक हेलीकाप्टर। सूवि

HighLights

  1. वायुसेना के हेलीकॉप्टर एमआई-17 से 15 यात्रियों का रेस्क्यू
  2. प्रभावित क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं अधिकारी

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। केदारनाथ व पैदल मार्ग पर फंसे यात्रियों का रेस्क्यू अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। तीर्थयात्रियों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर एमआई-17 से 15 यात्रियों का रेस्क्यू किया गया, लेकिन मौसम खराब होने के कारण चिनूक हेलीकॉप्टर गोचर से केदारनाथ धाम के लिए उड़ान नहीं भर सका।

वहीं, गौरीकुंड-सोनप्रयाग के बीच लगभग 700 यात्रियों का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है। इसके साथ ही एनडीआरएफ एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा घायल तीर्थ यात्रियों का उपचार किया जा रहा है।

उपलब्ध कराई जा रही राहत

अपर मुख्य अधिकारी केदारनाथ विकास प्राधिकरण योगेंद्र सिंह ने बताया कि केदारनाथ धाम में मौजूद तीर्थ यात्रियों को सुबह मुख्य हेलीपैड पर पहुंचा दिया गया है। यहीं से एमआई 17 से 15 तीर्थ यात्रियों को गौचर हेलीपैड रेस्क्यू किया जा चुका है। 

उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने के कारण एमआई एवं चिनूक विमान अभी उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। केदारनाथ में मौजूद करीब 450 तीर्थ यात्रियों को जिला प्रशासन की ओर से लगातार राहत सामग्री, फूड पैकेट्स एवं भोजन उपलब्ध करवाया गया। 

वहीं बीकेटीसी द्वारा तीर्थ यात्रियों को फल वितरित किए गए। बताया कि मौसम ठीक होते ही केदारनाथ में मौजूद यात्रियों को रेस्क्यू किया जाएगा।

प्रभावित क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण

उधर, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे, मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती सहित अन्य संबंधित अधिकारी सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। 

इस दौरान जिलाधिकारी ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ एवं अन्य सुरक्षा बलों की हौसला अफजाई करते हुए सभी तीर्थ यात्रियों का कुशलता के साथ सुरक्षित रेस्क्यू करने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा के चलते क्षेत्र में हुई क्षति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

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