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केदारनाथ धाम में ‘कैरी मी बैक’ नीति शुरू, गौरीकुंड तक सूखा कूड़ा ले जाकर स्वच्छता में जुटे श्रद्धालु

Published: Wed, 03 Jun 2026 12:01 AM (IST)

केदारनाथ धाम में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के निर्देशन में 'कैरी मी बैक' नीति शुरू की गई है। इसके तहत यात्री स्वेच्छा ...और पढ़ें

उत्तराखंड के रुदप्रयाग जनपद में स्थित केदारनाथ धाम।

उत्तराखंड के रुदप्रयाग जनपद में स्थित केदारनाथ धाम।

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संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में कूड़ा निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में 'कैरी मी बैक’ पालिसी के रूप में एक अनूठी पहल शुरू हुई है।

इसके तहत यात्री केदारनाथ धाम से स्वेच्छापूर्वक सूखा कूड़ा अपने साथ गौरीकुंड लाकर स्वच्छता अभियान में सहभागी बन रहे हैं।

प्रशासन की इस पहल को यात्रियों का सहयोग भी मिलने लगा है। अब तक 50 से अधिक यात्री केदारनाथ से गौरीकुंड तक कूड़े के बैग पहुंचा चुके हैं।

धाम में बढ़ते सूखे कूड़े के प्रभावी प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नगर पंचायत केदारनाथ हीलिंग हिमालयाज फाउंडेशन व सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से यह अभियान संचालित कर रही है।

इसका मुख्य उद्देश्य धाम को कूड़ा मुक्त, स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत और यात्रा को अधिक व्यवस्थित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाना है।

kedarnath dham carry me back policy launched

इन दिनों रोजाना हजारों श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं, जिससे वहां प्लास्टिक, पैकेजिंग सामग्री और अन्य सूखे कूड़े की मात्रा भी लगातार बढ़ रही है।

धाम की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कूड़े का समयबद्ध निस्तारण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। इसी समस्या के समाधान को प्रशासन ने यात्रियों को सीधे स्वच्छता अभियान से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया है।

पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप होगा कूड़े का अंतिम निस्तारण

'कैरी मी बैक' पालिसी के तहत नगर पंचायत की ओर से 400 से 500 ग्राम क्षमता वाले बैग में सूखा कूड़ा भरकर यात्रियों को दिया जा रहा है।

श्रद्धालुओं को केवल इन बैग को अपने साथ गौरीकुंड तक लाना है, जहां स्वजल विभाग समेत सहयोगी संस्थाओं की ओर से कूड़े का संग्रहण किया जाता है।

इसके बाद सुलभ इंटरनेशनल वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप कूड़े का अंतिम निस्तारण करेगा। प्रशासन का मानना है कि यदि अधिक संख्या में यात्री अभियान से जुड़ते हैं तो प्रतिदिन कई टन कूड़ा आसानी से धाम से नीचे लाया जा सकेगा।

Vishal Mishra Rudraprayag District Magistrate

जिला प्रशासन, नगर पंचायत केदारनाथ व सहयोगी संस्थाओं ने यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों से आग्रह है कि इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करें और स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल केदारनाथ धाम के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाएं। इससे बाबा केदार की नगरी को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में मदद मिलेगी।
- विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग

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