विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चारधाम यात्रा में फर्जी जज बनकर ले रहे थे सरकारी सुविधाएं, कोर्ट ने दो दोषियों को सुनाई 2-2 साल की जेल

Published: Thu, 16 Jul 2026 07:31 PM (IST)

चारधाम यात्रा के दौरान फर्जी न्यायिक अधिकारी बनकर सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने वाले दो आरोपियों को रुद्रप्रयाग कोर्ट ने ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. फर्जी न्यायिक अधिकारी बनकर चारधाम यात्रा में सरकारी सुविधाएं लीं

  2. रुद्रप्रयाग कोर्ट ने दो दोषियों को दो-दो साल की जेल सुनाई

  3. आरोपियों ने खुद को यूपी का सिविल जज बताया था

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा के दौरान स्वयं को उत्तर प्रदेश का न्यायिक अधिकारी बताकर सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने वाले दो आरोपितों को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए दो-दो वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।

जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

मामला वर्ष 2024 का है। थाना गुप्तकाशी पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद आई-10 कार में सवार कुछ लोग स्वयं को उत्तर प्रदेश का न्यायिक अधिकारी बताकर क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं।

पुलिस ने वाहन को रोककर पूछताछ की तो चालक ने अपना नाम अविनाश मोहन गुप्ता बताते हुए खुद को लखनऊ का सिविल जज बताया, जबकि साथ बैठी महिला ने अपना नाम ज्योति दुबे बताया।

पुलिस द्वारा न्यायिक पहचान पत्र मांगने पर आरोपित कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। कार पर उत्तर प्रदेश शासन अंकित होने के साथ हूटर, फ्लैश लाइट, तिरंगा झंडा लगा मिला और 17 मोबाइल फोन बरामद हुए।

जांच में सामने आया कि आरोपित फर्जी पहचान के आधार पर सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे थे। इसके बाद थाना गुप्तकाशी में मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी होने पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।

सहायक अभियोजन अधिकारी प्रमोद चंद्र आर्य ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाह और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।

साक्ष्यों के आधार पर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) जेएम अमित कुमार की अदालत ने दोनों आरोपितों को दोषी ठहराते हुए दो-दो वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया।

यह भी पढ़ें- रुद्रप्रयाग: अवैध तरीके से एलपीजी परिवहन का दोषी एक साल के अच्छे व्यवहार पर रिहा

यह भी पढ़ें- रुद्रप्रयाग: पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने पर पति को तीन साल की कठोर सजा