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केदारनाथ में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू: पैदल मार्ग खोलने का काम तेज, दोपहर तक चालू हो सकती है यात्रा

Published: Tue, 15 Sep 2026 09:16 AM (IST)

केदारनाथ पैदल मार्ग से मलबा हटाने का कार्य तेजी से जारी है और दोपहर तक मार्ग के पूरी तरह सुचारु ...और पढ़ें

HighLights

  1. केदारनाथ पैदल मार्ग से मलबा हटाने का कार्य तेज।

  2. द्वितीय चरण की हेली सेवाएं आज से विधिवत शुरू।

  3. दोपहर तक पैदल मार्ग पूरी तरह सुचारु होने की उम्मीद।

जागरण संवाददाता, रुद्रप्रयाग। जनपद में मंगलवार सुबह धूप के साथ हल्के बादल छाए हुए हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग से मलवा हटाने का कार्य जारी है वहीं द्वितीय चरण की हेली सेवाएं आज से विधिवत शुरू हो गई है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 24 घंटे में जखोली तहसील में सर्वाधिक 28 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि ऊखीमठ में 10 एमएम वर्षा हुई।

रुद्रप्रयाग तहसील में बारिश दर्ज नहीं हुई। सुबह जनपद का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

केदारनाथ के लिए हेली सेवाएं शुरू

केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के समीप पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने के कारण मार्ग अवरुद्ध है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां यात्रा को आंशिक रूप से रोका गया है। यात्रियों की आवाजाही स्थिति सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित किए जाने के बाद सुचारू की जाएगी। वहीं केदारनाथ के लिए हेली सेवाएं आज से शुरू हो गई हैं।

नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा प्रशासन 

सुबह आठ बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 624.18 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का निशान 627 मीटर है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 623.72 मीटर रहा, जो चेतावनी स्तर 625 मीटर और खतरे के निशान 626 मीटर से नीचे है। गंगानगर में नदी का जलस्तर 800.08 मीटर तथा गौरीकुंड में 1973.70 मीटर दर्ज किया गया।

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अभी हाईवे और एसएच मार्ग खुले

जिले में वर्तमान में एनएच और एसएच मार्ग खुले हैं, जबकि पीडब्ल्यूडी के तीन, पीएमजीएसवाई के पांच और एनपीसीसी का एक मार्ग प्रभावित है। जिला प्रशासन ने आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को उच्चतम स्तर की तैयारी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।