संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: नगर क्षेत्र में हो रही दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत पर डीएम मनुज गोयल खुद पानी के टैंक की जांच के लिए शहर से पांच किलोमीटर खड़ी चढ़ाई चढ़कर निरीक्षण के लिए पहुंचे। यहां पर डीएम ने टैंक में डंडा डालकर उसकी गहराई व दूषित पानी को देखा। जल संस्थान व जल निगम के अधिकारियों को 35 लाख क्षमता का नया टैंक व फिल्टर ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके लिए तीन करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रशासन ने दे दी है।

रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति होने की शिकायत पर डीएम मनुज गोयल शहर से पांच किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर पुनाड़ गदेरे के सुजगीबगड़ स्रोत में निरीक्षण के लिए पहुंचे। डीएम ने स्वयं टैंक में डंडा डालकर पानी की गहराई, टैंक में गंदगी व मिट्टी का निरीक्षण किया तथा इस पर सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने को कहा। शहर के लिए यहां पर प्रतिदिन 5 लाख लीटर क्षमता पानी की सप्लाई होती है, जिससे गर्मियों में पानी की आपूर्ति शहर में पूरी तरह नहीं हो पाती है। इसको देखते हुए अब यहां पर नए फिल्टर प्लांट लगाने के निर्देश दिए। इसमें प्रतिदिन 35 लाख लीटर क्षमता पानी की सप्लाई की जाएगी। इससे पूरे रुद्रप्रयाग नगर में साफ और नियमित पानी की आपूर्ति हो सकेगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में साल भर के भीतर काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला योजना से इस कार्य के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें जल निगम को 75 लाख रुपये की पहली किश्त भी जारी कर दी गई है। जिलाधिकारी ने सुजगीबगड़ में वर्तमान फिल्टर प्लांट के निरीक्षण में कई खामियों पर नाराजगी जताई। इधर, जल निगम के ईई नवल कुमार ने बताया कि प्रोजेक्ट पर इसी हफ्ते टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जबकि अगले महीने कार्य शुरू होने की उम्मीद है। जल संस्थान के ईई संजय सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर बनने वाले नए फिल्टर प्लांट से नगर की समस्या का समाधान होगा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर बृजेश तिवारी, पीएमजीएवाइ का ईई कमल सिंह सजवाण, जल संस्थान के ईई संजय सिंह, जल निगम के ईई नवल कुमार, राजस्व उपनिरीक्षक मनोज असवाल आदि मौजूद थे।

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