संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़: उत्तराखंड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ के आह्वान पर मानदेय वृद्धि समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जलसंस्थान के ठेका कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। ठेका कर्मियों के कार्य बहिष्कार में जाने से पेयजलापूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। कर्मियों ने मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।

गुरुवार को संविदा श्रमिक संघ के अध्यक्ष सुरेश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में ठेका कर्मचारी जलसंस्थान कार्यालय में एकत्रित हुए। यहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। कहा कि संगठन की ओर से अपनी जायज मांगों को लेकर जलसंस्थान महाप्रबंधक कार्यालय कुमाऊं मंडल भीमताल में विगत 20 सितंबर से धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। बावजूद इसके उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर विभागीय अधिकारी बिल्कुल भी संवेदनशील नहीं दिख रहे हैं। जिस कारण कर्मियों को मजबूरन अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। संघ के मंत्री अंबादत्त पांडेय ने कहा कि जलसंस्थान में करीब 20 से 25 वर्षों से कई संविदा श्रमिक कार्यरत हैं। हर रोज 10 से 12 घंटे काम करने के बाद उन्हें वर्तमान में मात्र 7 से 8 हजार मानदेय दिया जाता है। महंगाई के इस दौर में कार्मिकों के सामने खुद के साथ ही अपने परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो चुका है। श्रमिकों का इस तरह से शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में गोविंद सिंह, प्रकाश चंद्र कापड़ी, हितेश चंद्र, महेंद्र सिंह, चंद्र सिंह, गंगा दत्त जोशी, गोकुल सिंह, होशियार चंद, जितेंद्र कसनियाल, मनोज कसनियाल, हरीश सिंह थापा, प्रदीप कुमार, दीवान सिंह, रणजीत सिंह, ललित सिंह, दिनेश सिंह, हेम जोशी आदि शामिल थे।

बेरीनाग: पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ठेका कर्मियों ने जलसंस्थान कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। कार्मिकों ने कहा कि वह कार्य बहिष्कार के दौरान किसी भी तरह पेयजल संबंधी लाइनों में कार्य नहीं करेंगे। इस मौके पर सुंदर लाल, गणेश सिंह, जीवन चंद, बलवंत राम, प्रदीप कुमार, गणेश राम, लक्ष्मण राम, गोविंद डांगी, गोविंद धानिक, विनोद कुमार, जितेंद्र कुमार, संतोष कुमार, ठाकुर सिंह, विनोद कुमार, चारु पंत, हरीश चंद, रमेश चंद, प्रकाश कुमार, कुंदन, सुरेश, पौलूस आदि शामिल थे।

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