जासं, पिथौरागढ़ : विकास खंड कनालीछीना के सतगढ़ गांव में युवाओं और जागरू क ग्रामीणों ने गांव में पुस्तकालय की स्थापना कर युवा पीढ़ी को पढ़ने लिखने की प्रवृत्ति की तरफ प्रेेरित किया है।

आपसी सहयोग से स्थापित पुस्तकालय में बाल साहित्य, कविताओं, कहानियां, उपन्यास, जीवनी, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें युवाओं को सकारात्मक प्रेरणा दे रहा है। गांव में बीते दिनों मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विद्यासागर कापड़ी ने इसका उद्घाटन किया था। इस दौरान आयोजित गोष्ठी में उन्होंने पुस्तकालय को सुनहरे भविष्य के लिए एक मजबूत नींव बताया। पुस्तकालय के रखरखाव के लिए हर संभव आर्थिक मदद और पुस्तकें उपलब्ध कराने का भी वादा किया है। शिक्षक, साहित्यकार चिंतामणि जोशी ने ग्रामीणों की इस पहल को सराहनीय बता कहा है कि पुस्तकालय व पुस्तकें मनुष्य निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। गांव में इस तरह की सामुदायिक पहल स्वागत योग्य है। शिक्षक साहित्यकार दिनेश भट्ट ने गांव में शिक्षा की बेहतरी और पुस्तक संस्कृति को विकसित करने के लिए पुस्तकालय को आशा की किरण बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास से ही युवा नशे की लत से निकाल कर पुस्तकों की लत की तरफ ले जाने का प्रयास बताया है।

राज्य आंदोलनकारी चंद्रशेखर ने एक बेहतर समाज के निर्माण में पुस्तकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। पुस्तकें ही युवाओं को रचनात्मक बनाने की सशक्त माध्यम हैं। पुस्तकालय समिति के संजय ने पुस्तकालय स्थापना की यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रयास गांव के ऊर्जावान युवाओं और जागरू क ग्रामीणों के प्रयास से संभव हो पाया। ग्राम प्रधान दीपक थापा, दीपक कापड़ी, पीतांबर कापड़ी, भाष्कर कापडी, रीता कापड़ी ने इस प्रयास की सफलता पर गांव के सभी युवाओं का आभार जताया है।

Edited By: Jagran