विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद...धारचूला में खतरे में तीन मकान

Published: Wed, 02 Sep 2026 09:29 AM (IST)Updated: Wed, 02 Sep 2026 10:37 AM (IST)

पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा और चीन सीमा से संपर्क कट गया।

कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद। जागरण

कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद। जागरण

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग दूसरे दिन भी बंद है। चीन सीमा का संपर्क कटा हुआ है। यात्रा मार्ग 4 जगह पर बोल्डर आने से बंद हुआ है।

वहीं मंगलवार को टनकपुर -पिथौरागढ़ हाईवे में घाट के पास मुन्ना बैड और दिल्ली बैंड के पास मलबा आने से साढ़े छह घंटे से अधिक समय पर मार्ग बंद रहा। उधर सेराघाट मार्ग भी बंद रहने से पिथौरागढ़ जिले का पड़ोसी जिलों सहित देश के अन्य क्षेत्रों से सम्पर्क भंग रहा। थल -मुनस्यारी और अस्कोट -कर्णप्रयाग मार्ग भी घ्ंटों बंद रहा। तवाघाट -लिपुलेख मार्ग बंद है।

खतरे में तीन मकान

तहसील धारचूला के खेत ग्राम पंचायत के तोक गांव घोलधुन्गा में भूस्खलन से नैन सिंह, खुशाल सिंह और भीम सिंह के मकान खतरे में आ चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना देते हुए तत्काल तीनों परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है।

सोमवार रात से हो रही बारिश

टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर मुन्ना बैंड (घाट) और सेराघाट मार्ग में भारी मलबा आने से यातायात ठप रहा। सोमवार की रात्रि से जिले में वर्षा आरंभ हुई। मुनस्यारी ओर बेरीनाग तहसीलों को छोड़ कर अन्य सभी तहसीलों में भारी वर्षा हुई। सीमांत क्षेत्र में वर्षा का वेग कम रहा जबकि बंगापानी, कनालीछीना, देवलथल,पिथौरागढ़ , तेजम, गणाईगंगोली आदि तहसीलों में तेज वर्षा हुई ।

डीडीहाट , धारचूला में भी जमकर बादल बरसे। भारी वर्षा से टनकपुर -पिथौरागढ़ हाईवे में घाट के निकट मुन्ना बैंड और दिल्ली बैंड में भारी मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। जिसके चलते भारी संख्या में पिथौरागढ़ से सुबह अन्य व मैदानी जिलों को जाने वाले और आने वाले वाहन फंस गए।

एक बार दिन में कुछ देर के लिए खुला परंतु वाहन पास हाेने से पूर्व ही फिर से बंद हो गया। सुबह भी एक बार कुछ देर के लिए मार्ग बंद रहा परंतु लगभग साढ़े नौ बजे बंद मार्ग सायं चार बजे के आसपास खुला ।तब जाकर वाहन पिथौरागढ़ पहुंचे। यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी ।

यह भी पढ़ें- मौसम विभाग की चेतावनी, यूपी के इन जिलों में 4 सितंबर तक भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट

चीन सीमा को जोड़ने वाले तवाघाट-लिपुलेख मार्ग सोमवार की रात्रि से बंद है। चीन सीमा का सम्पर्क भंग है। हुड़कना में पेड़ गिरने से और मलबा आने से नेपाल सीमा को जोड़ने वाला पिथौरागढ़-झूलाघाट मार्ग सुबह 9 बजे से बंद पड़ा है। जिले भर में थल-मुनस्यारी मार्ग समेत कुल 18 मार्ग अवरुद्ध हैं।

गणाई गंगोली के चौकी बैंड में लगातार पत्थर गिरने से दिल्ली जाने वाली रोडवेज की बसें और सैकड़ों यात्री फंसे रहे। थल से मिली जानकारी के अनुसार अस्कोट -कर्णप्रयाग मार्ग पर सानदेव के पास सड़क टूटने से नाली में ट्रक फंसने से दो घंटे का जाम लगा रहाद्य। लोनिवि द्वारा ट्रक हटाए जाने के बाद यातायात सुचारु हुआ ।

बिगड़ते हालात के मद्देनजर जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा से निपटने की तैयारियों का अवलोकन किया। सभी उपजिलाधिकारियों ओर आपदा प्रबंधन सहित संबंधित विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।