600 मीटर बढ़ेगी रनवे की लंबाई 72 सीटर विमान भरेंगे उड़ान, AAI को मिली नैनी-सैनी एयरपोर्ट की जिम्मेदारी
नैनी सैनी हवाई अड्डे का चौथी बार विस्तार किया जाएगा, जिससे रनवे की लंबाई 2168 मीटर हो जाएगी। इस विस्तार ...और पढ़ें

पिथौरागढ़ का नैनी-सैनी एयरपोर्ट l जागरण आर्काइव
HighLights
नैनी सैनी एयरपोर्ट का चौथी बार विस्तार
रनवे की लंबाई बढ़कर 2168 मीटर होगी
72 सीटर विमान भर सकेंगे उड़ान
संवाद सहयोगी, जागरण, पिथौरागढ़। चीन और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के निकट स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण नैनी सैनी एयरपोर्ट का एक बार फिर विस्तार किया जाएगा। चौथी बार हो रहे इस विस्तारीकरण के बाद एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 600 मीटर बढ़ाकर 2168 मीटर की जाएगी जिससे 72 सीटर विमान आसानी से उड़ान भर सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में देहरादून में एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया (एएआइ) और उत्तराखंड सरकार के बीच हुए एमओयू के बाद अब एयरपोर्ट की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन से एएआइ को हस्तांतरित कर दी जाएगी। वर्तमान में नैनी सैनी एयरपोर्ट की रनवे लंबाई 1568 मीटर और चौड़ाई औसतन 30 से 40 मीटर है।
यहां से 42 सीटर विमान उड़ान भर रहे हैं। विस्तार के बाद दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने की संभावना है। रनवे बढ़ाने के साथ ही पैसेंजर टर्मिनल, टेक्निकल ब्लाक और फायर सेक्शन का निर्माण भी प्रस्तावित है। विस्तारीकरण के लिए करीब 50 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी।
1991 में रखी गई थी नींव:नैनी सैनी हवाई पट्टी की नींव 1991 में रखी गई थी। 33 साल के लंबे इंतजार के बाद फरवरी 2024 से यहां से नियमित उड़ान शुरू हुई। दिल्ली, देहरादून के लिए विमान सेवा के साथ ही मुनस्यारी, हल्द्वानी के लिए हेलीकाप्टर सेवा दी जा रही है।
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पर्यटन, व्यापार में आएगा उछाल
हवाई पट्टी का विस्तार होने के बाद एयरपोर्ट के देश के अन्य शहरों से जुड़ जाने पर पर्यटन कारोबार में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। आदि कैलास और ओम पर्वत दर्शन के साथ ही कैलास मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों के लिए आवागमन बेहद आसान हो जाएगा। पर्यटकों की तादाद बढ़ने के साथ ही यहां शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी तेजी आएगी।
