विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारी बारिश का कहर: बेली ब्रिज बहा, काली नदी पर बनी झील... अलर्ट जारी

Published: Sat, 12 Sep 2026 07:30 AM (IST)Updated: Sat, 12 Sep 2026 07:50 AM (IST)

पिथौरागढ़ के धारचूला में भारी बारिश से कूलागाड़ नाला उफान पर आ गया, जिससे बेली ब्रिज बह गया और चीन ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। उत्तराखंड की सीमांत तहसील धारचूला में भारत और नेपाल सीमा क्षेत्र में शुक्रवार की रात्रि को भारी वर्षा हुई। शुक्रवार की रात 11:30 बजे के आसपास से हुई भारी वर्षा के दौरान कूलागाड़ एक बार फिर उफान पर आ गया।

भारी मलबा बोल्डर के गिरने से टनकपुर तवाघाट हाईवे में चीन सीमा को जोड़ने वाला पहला कूलागाड़ का नवनिर्मित बेली ब्रिज बह गया है इतना ही नहीं यहां पर पुराने बेली ब्रिज भी नजर नहीं आ रहा है। चीन सीमा का संपर्क पूरी तरह भंग हो चुका है। व्यास, दारमा और चौदास घाटिया अलग थलग हो चुकी हैं। 

 

यह भी पढ़ें- पिथौरागढ़ में चीन सीमा से लगे क्षेत्र में पुलिया क्षतिग्रस्त, लकड़ी डाल कर हो रही आवाजाही

19 अगस्त को भी टूट गया था बेली ब्रिज

हाईवे पर कूलागाड़ पर गत 19 अगस्त को भी बोल्डर और मलबा गिरने से बेली ब्रिज टूट गया था। बीआरओ द्वारा बीते दोनों नए बेली ब्रिज का निर्माण किया गया था। अभी पुल निर्माण का एक पखवाड़ा भी नहीं हुआ है और पुल बह गया है। 

इतना ही नहीं कूलागाड़ में आए मलबे और बोल्डेरों से काली नदी का प्रवाह प्रभावित होने से झील बन गई है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। शनिवार सुबह स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी तहसील प्रशासन पुलिस को दी। टीम मौके पर पहुंच चुकी है।

यह भी पढ़ें- पिथौरागढ़ में थमी वर्षा की रफ्तार, हाईवे और तवाघाट सोबला मार्ग अब भी बंद रहने से चीन सीमा का कटा रहा संपर्क