संवाद सूत्र, धारचूला: उच्च हिमालयी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हुई बारिश से इस मौसम में तैयार होने वाली फसलों को भारी क्षति पहुंची है। खेतों में ही फसल बर्बाद हो जाने से किसान मायूस हैं। छह माह की मेहनत पर पानी फिर जाने से परेशान किसानों ने मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

धारचूला तहसील के घाटी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग अप्रैल माह में उच्च हिमालय में स्थित अपने गांवों में पहुंचकर राजमा, पल्थी, मटर और आलू की खेती करते हैं। अक्टूबर के पहले पखवाड़े में किसान अपनी फसल लेकर घाटियों में उतर आते हैं। सितंबर अंत में फसल काटी जाती है। किसानों ने अपनी फसल काटकर खेतों में सूखाने के लिए छोड़ रखी थी कि इस बीच हुई बरसात से किसानों की फसल बर्बाद हो गई। सबसे अधिक नुकसान राजमा और पल्थी की फसल को हुआ है। किसानों ने कहा है कि बारिश के चलते उनकी आधे वर्ष की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई किसान इसी उत्पादन से अपनी वर्ष भर की आजीविका चलाते हैं। फसल बर्बाद हो जाने से अब उनके सम्मुख रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने बारिश से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

Posted By: Jagran

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