संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़: एनएच चट्टान कटिंग का मलबा फिर खाइयों में फेंके जाने से गुरना ग्रामीण संघर्ष समिति भड़क गई है। समिति ने इसे एनजीटी के मानकों का खुला उल्लंघन बताते हुए प्रशासन से मनमानी सख्ती से रोक लगाए जाने की मांग की है।

गुरना से घाटी के बीच आलवेदर रोड के लिए इन दिनों चट्टान कटिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। ग्रामीण संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया है कि कटिंग का मलबा सीधे खाई में फेंका जा रहा है, जो सीधे सरयू नदी में जा रहा है। तमाम छोटे पेड़ मलबे में दफन हो गए हैं। खाइयों की हरियाली गायब हो गई है। तमाम पैदल रास्ते, सिंचाई और पेयजल योजनाओं के साथ ही प्राकृतिक जल स्रोत बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। घाट क्षेत्र की पूरी जैव विविधता प्रभावित हो रही है। कई बार अधिकारियों को जानकारी दिए जाने के बाद भी इस पर रोक नहीं लग पा रही है। समिति ने कहा है कि क्षेत्र के पर्यावरण से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मनमाने ढंग से मलबे के निस्तारण पर रोक नहीं लगाई गई तो समिति क्षेत्र के लोगों को साथ लेकर सड़कों पर उतरेंगे। ========== मलबा निस्तारण के लिए डंपिंग जोन बनाए गए हैं। मलबा डंपिंग जोन में ही डाला जा रहा है। काम कर रहे ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी गई है कि मलबा खाई में न फेंका जाए।

- पीएल चौधरी, सहायक अभियंता, एनएच ======== जिला मुख्यालय में एनएच हुआ बदहाल पिथौरागढ़: जिला मुख्यालय के अंतर्गत एनएच की हालत खस्ताहाल हो गई है। कुमौड़ बैंड से हनुमान मंदिर तक सड़क कई जगह क्षतिग्रस्त है। नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है। शीतकाल में सड़क पर पाला जमने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। मुख्यालय के लोगों ने सड़क की हालत सुधारे जाने की मांग की है।

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