संवाद सूत्र, डीडीहाट: डीडीहाट जिले की मांग को लेकर क्षेत्र की जनता का क्रमिक अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। जिले की मांग को लेकर लोग एकजुट हो चुके है। सोमवार को पांच गांवों के दर्जनों ग्रामीणों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया।

स्थानीय रामलीला मैदान में चल रहे क्रमिक अनशन के चौथे दिन ग्रामसभा हाट, धौलेख, सिटोली, कौली व गणकोट के दर्जनों ग्रामीण पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। इसके बाद हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि डीडीहाट जिले की मांग विगत पांच दशकों से चली जा रही है। अलग राज्य बनने के बाद क्षेत्र की जनता को उम्मीद थी कि शीघ्र ही उनकी यह मांग पूरी हो जाएगी, मगर राज्य गठन के 17 वर्ष बीतने के बाद भी डीडीहाट जिला अस्तित्व में नहीं आ पाया है। वर्ष 2011 में डीडीहाट जिले की घोषणा भी हो चुकी है, मगर इस घोषणा पर भी अभी तक अमल नहीं हो पाया है। जिस कारण क्षेत्र की जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है। क्षेत्र की जनता अब किसी भी तरह के झूठे आश्वासनों में आने वाली नहीं है। जब तक डीडीहाट में प्रशासनिक ईकाई का गठन नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार को मनोज साह, दीवान सिंह मेहरा, सोबन सिंह बोरा, आनंद भंडारी, महिमन भंडारी, विशन सिंह उलसाई, नंदन कन्याल, शेर सिंह, नंदन मेहरा, बहादुर मेहता, जगदीश कफलिया, नंदन सिंह, बलवंत सिंह, राधा कफलिया, पूजा कफलिया, भगवान सिंह, नंदन डसीला, गजेंद्र कफलिया, भगवान गैड़ा क्रमिक अनशन पर बैठे। उनके समर्थन में वर्किंग कमेटी के लोकेश भड़ समेत दर्जन लोग धरने पर बैठे।

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