जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़ : चीन सीमा को जोड़ने वाले 101 दिन से बंद तवाघाट-तिदांग मार्ग के बंद होने से अलग-थलग पड़े उच्च हिमालयी गांवों तक पहुंच मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। क्षेत्र की खाद्यान्न आपूर्ति के लिए पूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। अलग-थलग पड़े गांवों की समस्याओं का अवलोकन करने के लिए चीन सीमा पर स्थित उच्च हिमालयी ढाकर गांव में रात्रि विश्राम किया।

मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अनुराधा पाल ने धारचूला के मार्ग बंद होने के कारण अलग-थलग पड़े दारमा घाटी के 13 गांवों का सोमवार को हवाई निरीक्षण किया। रात्रि विश्राम ढाकर गांव में किया। इस मौके पर पंचाचूली ग्लेशियर के निकट स्थित दुग्तु गांव में स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठक कर समस्याएं सुनी। इस मौके पर उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी चित्रा रौतेला से क्षेत्र में खाद्यान्न वितरण की जानकारी ली व आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बार्डर एरिया डेवलेपमेंट प्रोग्राम के तहत हो रहे कार्यो का निरीक्षण भी किया।

इस मौके पर ग्रामीणों ने चीनी के अभाव की जानकारी दी। सोलर लाइट उपलब्ध कराने, क्षेत्र में तत्काल एएनएम की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांगें रखी। सीडीओ ने क्षेत्र में बने होम स्टे का भी निरीक्षण किया व ग्रामीणों को होम स्टे के लिए प्रेरित किया। बैठक में समाज सेवी ज्ञान सिंह दुग्ताल, कल्याण सिंह सोनाल, राम सिंह सोनाल, धर्म सिंह, जसवंत सिंह, जोगेंद्र दुग्ताल, प्रकाश दुग्ताल, प्रदीप सिंह आदि मौजूद थे। वापसी में सीडीओ उच्च हिमालय में वैक्सीनेशन के लिए गई टीम को गुंजी से हेलीकॉप्टर से अपने साथ धारचूला लाई।

Edited By: Jagran