संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में एसिड अटैक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में संबंधित अपराध में की जाने वाली कार्रवाई और पीड़ित व्यक्तियों के उपचार की जानकारी न्यायिक अधिकारियों ने दी।

जिला न्यायालय परिसर में जिला जज राजेंद्र जोशी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज कुमार द्विवेदी, सिविल जज(जूनियर डिवीजन)अकरम अली, सीओ शेखर सुयाल, एपीओ सुनीता भट्ट ने एसिड अटैक पीड़ितों के लिए बनाए गए नियमों और इस मामले में उच्च न्यायालय की ओर से जारी किए गए दिशा निर्देशों के संबंध में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में जागरूकता से एसिड अटैक की घटनाओं को रोका जा सकता है। बताया गया कि कोई भी व्यवसायी एसिड संबंधी कैमिकल की बिक्री बिना अनुमति के नहीं नहीं की जा सकती है। खरीदने वाले व्यक्ति को अपनी पहचान और खरीदने का कारण बताना अनिवार्य है।

प्राधिकरण सचिव ने बताया कि एसिड अटैक पीड़ित व्यक्तियों का निशुल्क इलाज सरकारी चिकित्सालयों के साथ ही निजी चिकित्सालयों में भी किया जाना अनिवार्य है। निजी चिकित्सालय पीड़ितों के उपचार से इंकार नहीं कर सकते। इंकार करने पर कार्रवाई किये जाने का प्राविधान है। निजी चिकित्सालय के डा. जेसी गड़कोटी, डॉ.मयंक बिष्ट ने एसिड अटैक पीड़ित के प्राथमिक उपचार की जानकारी के साथ अपने सुझाव भी दिए। उन्होंने बताया कि एसिड अटैक पीड़ित को तीन लाख रुपये का प्रतिकर दिए जाने का भी प्राविधान है। गोष्ठी में एमसी पंत, रेनू ठाकुर, लक्ष्मी भट्ट, जगदीश कलौनी ने विचार रखे।

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