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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बग्वाल खेलने वाले योद्धाओं को जारी होंगे पहचानपत्र, चारों खामों का अलग-अलग पहनावा अनिवार्य

Published: Wed, 11 Jun 2025 06:52 PM (IST)

देवीधुरा में रक्षाबंधन पर होने वाले बग्वाल युद्ध में वीरों के लिए पहचानपत्र अनिवार्य कर दिया गया है। चार खामों ...और पढ़ें

बग्वाल खेलने वाले योद्धाओं को जारी होंगे पहचानपत्र। जागरण आर्काइव
बग्वाल खेलने वाले योद्धाओं को जारी होंगे पहचानपत्र। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. बग्वाल युद्ध वीरों के लिए पहचानपत्र अनिवार्य
  2. चार खाम अलग-अलग पहनावे में दिखेंगे
  3. प्लास्टिक मुक्त धरा का संदेश

संवाद सहयोगी, जागरण देवीधुरा । मां वाराही धाम देवीधुरा में रक्षाबंधन पर होने वाले बग्वाल युद्ध में शामिल होने वाले बग्वाली वीरों के लिए इस बार पहचानपत्र अनिर्वाय किया गया है। पिछले वर्ष की तरह चारों खामों के वीर अलग-अलग पहनावे में रहेंगे। 15 जून से मंदिर परिसर में श्रीमद् भागवत कथा होगी। चार खाम व सात थोकों के प्रतिनिधियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

देवीधुरा मंदिर समिति महामंत्री रोशन लमगड़िया व हयात बिष्ट के संचालन में हुई बैठक में अगस्त में होने वाले बग्वाल मेले की तैयारी पर चर्चा हुई। बग्वाल के लिए मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा। संस्थापक सदस्य लक्ष्मण लमगड़िया ने मंदिर की पवित्रता व दिव्यता बनाए रखने पर जोर दिया।

चारों खामों के प्रमुखों ने एकजुटता व आपसी सहयोग के साथ मेले को सफल बनाने का संकल्प लिया। 15 जून को छलिया नृतकों के बीच कलशयात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा शुरू होगी। प्रतिदिन भंडारे में चारों खामों के प्रतिनिधि बारी-बारी सेवा देंगे।

19 जून को श्री श्री 1008 कल्याण दास महाराज की मौजूदगी में शोभायात्रा निकाली जाएगी। कथा व्यास प्रकाश कृष्ण शास्द्धी होंगे। बैठक में कोषाध्यक्ष दीपक चम्याल, उपाध्यक्ष राजेश बिष्ट, खीम सिंह, हयात सिंह, ईश्वर बिष्ट, दिनेश चम्याल, विशन चम्याल, चेतन बिष्ट, गंगा सिंह चम्याल, वीरेंद्र लमगडिया, बद्री बिष्ट, त्रिलोक बिष्ट समेत लमगड़िया, चम्याल, गहड़वाल, वालिक खामों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

धाम से जाएगा प्लास्टिक मुक्त धरा का संदेश

मंदिर समिति अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक व थर्माकोल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया। रेस्टोरेंट व ढाबा संचालित करने वाले व्यापारी स्टील की थाली व गिलास का उपयोग करेंगे। बिष्ट ने कहा कि आस्था के धाम से देश-दुनिया व माता के भक्तों तक प्लास्टिक मुक्त धरती का संदेश जाएगा।