गंगोलीहाट, जेएनएन : नगर में स्थित राजकीय महाविद्यालय गंगोलीहाट को नए भवन में शिफ्ट करने पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं भड़क गए हैं। छात्र-छात्राओं का कहना है कि नए भवन की दूरी वर्तमान में जिला पंचायत भवन में चल रहे महाविद्यालय से करीब चार किमी है। जहां पहुंचने के लिए छात्र-छात्राओं को घने जंगलों से होकर तीव्र ढलान और वापसी में खड़ी चढ़ाई का सामना करना पड़ेगा। छात्र-छात्राओं ने कहा कि यदि तीन दिन के भीतर इस ओर कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो वह क्रमिक अनशन में बैठने को बाध्य होंगे।

वर्ष 2001 में गंगोलीहाट में महाविद्यालय खोला गया। कुछ समय तक महाविद्यालय निजी भवन में चला। इसके बाद से अब तक महाविद्यालय जिला पंचायत के डाक बंगले में संचालित किया जा रहा है। अब महाविद्यालय का सिमलकोट में अपना भवन बनकर तैयार हो गया है। जिसमें महाविद्यालय को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। जिससे छात्र-छात्राएं भड़क गए हैं। छात्रसंघ अध्यक्ष सागर बोरा ने कहा कि महाविद्यालय का नया भवन घने जंगलों के बीच है। यहां सड़क मार्ग भी नहीं है। नगर से सिमलकोट की दूरी करीब चार किमी है। जहां हर समय गुलदार, जंगली सुअर, सियार आदि जंगली जानवरों का भय बना रहता है। इससे छात्र-छात्राओं में जान का खतरा पैदा हो सका है। बोरा ने कहा कि वर्तमान में महाविद्यालय में 471 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। जिसमें 80 प्रतिशत छात्राओं की संख्या है। अधिकांश विद्यार्थी गरीब परिवारों से हैं। इस संबंध में छात्र-छात्राओं ने गुरुवार को प्राचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश को ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय को यथावत सुचारू रू प से संचालित किए जाने या मुख्य बाजार के नजदीक पूर्व में प्रस्तावित भूमि हाथीगौन के पास महाविद्यालय का निर्माण कार्य करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में छात्रसंघ उपाध्यक्ष कौशल उप्रेती, हेमा नेगी, हेमलता महरा, कंचन महरा, कंचन नेगी, ज्योति, सुरेंद्र सिंह, सूरज सिंह, संतोष कोहली, दीपक सिंह, अंकित, देवेंद्र सिंह, हरीश सिंह, अंकिता उप्रेती आदि शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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