विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाईवे, थल -मुनस्यारी मार्ग सहित 20 मार्ग बंद

By JagranEdited By:
Published: Tue, 31 Aug 2021 10:27 PM (IST)

मुनस्यारी छोड़कर अन्य तहसील क्षेत्रों में सोमवार को बारिश का वेग थमा रहा।

हाईवे, थल -मुनस्यारी मार्ग सहित 20 मार्ग बंद
हाईवे, थल -मुनस्यारी मार्ग सहित 20 मार्ग बंद

जाटी, मुनस्यारी/धारचूला (पिथौरागढ़) : मुनस्यारी छोड़कर अन्य तहसील क्षेत्रों में सोमवार को बारिश का वेग थमा रहा। भारी बारिश से थल-मुनस्यारी मार्ग पर डोर बैंड के पास चट्टान खिसक जाने से मार्ग बंद हो गया है। डोर बैंड से मुनस्यारी तक एक दर्जन स्थानों पर मलबा आया है। जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग भी बंद है।

काली और सरयू नदी का जलस्तर चेतावनी लेवल पर बह रहा है। मुनस्यारी क्षेत्र में भारी बारिश से रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। रामगंगा नदी के कटाव से थल कस्बे में कुछ मकान खतरे की जद में आ चुके हैं। रामगंगा नदी का जल स्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया था । मंगलवार दिन में मौसम शांत रहने से जलस्तर चेतावनी लेवल पर है। काली नदी धारचूला से लेकर जौलजीबी तक चेतावनी लेवल पर बह रही है। नदी किनारे रहने वालों को सतर्क किया गया है। सोमवार और मंगलवार को धारचूला क्षेत्र में बारिश नहीं होने से राहत मिली है।

धारचूला के एलधार से आगे चीन सीमा तक का संपर्क भंग है। जुम्मा सहित क्षेत्र के 60 से अधिक गांव कटे हुए हैं। दारमा मार्ग 76वें दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल सका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जुम्मा गांव के भ्रमण के दौरान सबसे पहले क्षेत्र का सड़क संपर्क बहाल करने के निर्देश दिए हैं। जिले में 20 मार्ग बंद हैं।

===== भारी बारिश से मदकोट कस्बे की दो पेयजल योजना क्षतिग्रस्त

मदकोट: भारी बारिश से मदकोट कस्बे की दोनों पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिससे कस्बे की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। कस्बे की आठ हजार की आबादी बूंद-बूंद को तरस रही है। पेयजल के लिए प्राकृतिक स्रोतों में लोगों को सुबह से देर तक लाइन लगानी पड़ रही है।

लगातार हो रही बारिश से मदकोट कस्बे को पेयजल की आपूर्ति करने वाली रिग चिलकोट और गांधी नगर पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई हैं। योजना के कई पाइप उखड़कर बह गए हैं। पेयजल योजना ध्वस्त हो जाने से कस्बे की पेयजल आपूर्ति ठप है। ग्रामीणों को प्राकृतिक जल स्रोतों से अपनी जरू रत पूरी करनी पड़ रही है। स्रोत तक जाने वाले मार्गो के क्षतिग्रस्त होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। सुबह से देर रात तक स्रोतों में भारी भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं और बच्चे पेयजल संकट से खासे परेशान हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण सिंह, देब सिंह आदि ने तहसील प्रशासन को लिखे पत्र में मांग की है कि कस्बे की पेयजल योजनाओं को अविलंब ठीक कराया जाए।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।