संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़: शीतकालीन वर्षा कम होने से इस बार वन विभाग को जंगलों की आग पर काबू पाने में खासी मशक्कत करनी पड़ेगी। फायर सीजन शुरू होने से पहले ही जिले में जंगल सुलगने लगे हैं।

पिछले सप्ताह जिला मुख्यालय के आस-पास के कई जंगल धधकने लगे थे। तीन रोज पूर्व हुई वर्षा से जंगलों की आग बुझ गई थी, मौसम सुधरने के बाद तापमान में हुई बढ़ोत्तरी से किरगांव और खड़किनी गांव के निकटवर्ती जंगलों में बुधवार को आग लग गई। जंगल घंटों सुलगते रहे। जंगलों से उठता धुंआ जिला मुख्यालय से भी साफ देखा गया। वन विभाग ने अभी तक जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए कोई योजना तैयार नहीं की है। वन विभाग का फायर सीजन 15 फरवरी से शुरू होगा। इसके बाद ही कर्मचारियों की तैनाती और उपकरणों का आवंटन होगा। फायर सीजन 15 जून तक रहेगा। जंगलों के फायर सीजन से पहले ही सुलगने से पर्यावरणविद चिंतित हैं। पर्यावरणविद लक्ष्मण सिंह का कहना है कि इस वर्ष शीतकालीन वर्षा कम होने से जंगलों में नमी बेहद कम है। इसके चलते समय से पहले ही जंगलों में आग लगनी शुरू हो गई है। वन विभाग को समय रहते जंगलों को आग से बचाने की ठोस योजना बनानी होगी।