संवाद सूत्र, मुनस्यारी: मुनस्यारी को नगर पंचायत बनाने की सरकारी कवायद शुरू हो गई है। लोगों के विरोध को देखते हुए शहरी विकास सचिव डीएस गब्र्याल सोमवार को मुनस्यारी पहुंचे। उन्होंने लोगों के साथ बैठक कर लोगों के संदेह दूर करने के प्रयास किए।

पूर्व मुख्य सचिव आरएस टोलिया ने बैठक में मौजूद लोगों को वन पंचायत, वन भूमि से संबंधित संदेहों को दूर किया। उन्होंने कहा कि कस्बे की बेनाप भूमि से संबंधित मसले सुलझाए जायेंगे। शहरी विकास सचिव ने नगर पंचायत में शामिल होने वाले पांचों ग्राम सभाओं के प्रधानों की संदेहों का निराकरण करते हुए कहा नगर पंचायत अस्तित्व में आने पर ग्राम प्रधान ही सभासद रहेंगे। मुनस्यारी नगर पंचायत को दो वर्ष पूर्व नगर पंचायत का दर्जा दे दिया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के चलते अब तक नगर पंचायत अस्तित्व में नहीं आ सकी है। कस्बे से लगे गांवों के ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। बैठक में मौजूद ग्राम प्रधानों ने नगर पंचायत गठन के लिए अंतिम स्वीकृति नहीं दी। ग्राम प्रधानों ने कहा हर ग्राम सभा में खुली बैठक कराकर ग्रामीणों की राय ली जाए और उसके बाद ही नगर पंचायत गठन का निर्णय लिया जाए। बैठक में ब्लाक प्रमुख नरेंद्र सिंह रावत, एडीएम प्रशांत आर्य, एसडीएम जयभारत सिंह, बीडीओ श्याम चंद, जौहार समिति के श्रीराम धर्मसत्तू, रुद्र सिंह पंडा, विनोद सिंह पांगती, पूरन चंद्र पांडे, गोकर्ण सिंह मर्तोलिया, देवेंद्र सिंह धर्मसत्तू, गोवर्धन सिंह बृजवाल, गायत्री देवी, नरेंद्र सिंह कोरंगा, इंद्र सिंह सहित तमाम लोग मौजूद थे।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप