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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जयपुर में शिक्षक, तैयारी देवीखेत में

By JagranEdited By:
Published: Sun, 10 Mar 2019 07:04 PM (IST)

जागरण संवाददाता कोटद्वार विद्यालय में शिक्षक बेहतर ढंग से समझाने की कोशिश करते हैं फि

जयपुर में शिक्षक, तैयारी देवीखेत में
जयपुर में शिक्षक, तैयारी देवीखेत में

जागरण संवाददाता, कोटद्वार: विद्यालय में शिक्षक बेहतर ढंग से समझाने की कोशिश करते हैं, फिर भी कुछ बातें बच्चों की समझ में नहीं आतीं। शिक्षक से पूछने में भी वो झिझक महसूस करते हैं। यही वजह है कि परीक्षा की तैयारी भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रही थी। लेकिन, ऑनलाइन क्लास शुरू होने के बाद न सिर्फ गणित के सूत्रों को हल करने में आसानी हुई, बल्कि पाठ्यक्रम में जो पाठ समझ नहीं आ रहे थे, उन्हें समझना भी आसान हो गया।

पौड़ी जिले के द्वारीखाल प्रखंड स्थित ग्राम कंडाखणी से छह किमी की पैदल दूरी तय कर तिमली विद्यापीठ में संचालित वर्चुअल क्लास रूम में हाईस्कूल बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने पहुंचे अनुज बडोनी यह अनुभव साझा किए। दरअसल, द्वारीखाल ब्लाक के दूरस्थ देवीखेत इंटरमीडिएट कॉलेज में हाईस्कूल के विद्यार्थी इन दिनों बोर्ड परीक्षाओं में जुटे हुए हैं। लेकिन, यह तैयारी बस्तों में मौजूद किताबों से नहीं, बल्कि इंटरनेट के जरिये हो रही है। इसके लिए श्री तिमली विद्यापीठ की ओर से संचालित उत्तराखंड टेक्नोलॉजी क्लब व वी-क्रॉप टेक्नोलॉजी के संयुक्त प्रयासों से विद्यापीठ में वर्चुअल क्लास रूम तैयार किया गया है। जिसमें जयपुर की एक शिक्षक विद्यार्थियों को ऑनलाइन पोर्टल के जरिये परीक्षा के लिए विभिन्न विषयों की तैयारी कराने के साथ ही प्रश्न पत्र हल करने के तरीके भी बता रही हैं।

ऐसा नहीं कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है, लेकिन शिक्षण की पुरानी पद्धति के मुकाबले छात्र-छात्राओं को शिक्षा की यह नई तकनीक खासी प्रभावित कर रही है। स्वयं विद्यालय के शिक्षक भी यह मानते हैं कि जिस तेजी से बच्चों में इंटरनेट के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है, पढ़ाई की नई तकनीक उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

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ऐसे होती है पढ़ाई

तिमली विद्यापीठ के एक कक्ष में वर्चुअल क्लास रूम स्थापित किया गया है, जिसमें संस्था ने एलसीडी, इंटरनेट कनेक्शन, माइक सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराई हैं। एक विशिष्ट ऑनलाइन पोर्टल के जरिये क्लास रूम में बैठे विद्यार्थियों को जयपुर में बैठे शिक्षक न सिर्फ पढ़ाते हैं, बल्कि विषय संबंधी उनकी जिज्ञासाओं को भी शांत करते हैं। जल्द ही इस योजना से अप्रवासी उत्तराखंडियों के साथ ही विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा।

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यह है उद्देश्य

उत्तराखंड टेक्नोलॉजी क्लब के संस्थापक आशीष डबराल बताते हैं कि उनका सपना सूदूरवर्ती गांवों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापरक शिक्षा पहुंचाना है। इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने वी-क्रॉप टेक्नोलॉजी के साथ एमओयू साइन किया और राइंका देवीखेत से प्रयास शुरू कर दिए। आशीष बताते हैं कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद विद्यार्थियों की शैक्षिक उन्नति का आकलन किया जाएगा। इसके बाद अन्य विद्यालयों में भी यह कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। वी-क्रॉप टेक्नोलॉजी के सीईओ रजनीश बताते हैं कि यह तकनीक प्रदेश में बेहतर शिक्षा व रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण में बेहतर साबित होगी।

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बच्चों को भा रही तकनीक

नई तकनीक से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह है। अनुज बडोनी के साथ ही ग्राम तिमली निवासी अनुज कुमार, पबेख निवासी हेमंत कुमार, ढांडरी निवासी शिवम सिंह, नौबाड़ी निवासी अंकित गुसाईं सहित अन्य विद्यार्थियों का मानना है कि किताबों से संबंधित विषय के बारे में उतनी जानकारी नहीं मिल पाती, जितनी नई तकनीक से मिल रही है।

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'ऑनलाइन क्लास जैसी नई तकनीक तेजी से बच्चों की पसंद बन रही है। बच्चों को उनकी पसंद के अनुरूप ज्ञान मिले तो उन्हें इसका फायदा मिलना भी तय है।'

-सुनील कुमार चौहान, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज देवीखेत

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