उत्तराखंड पुलिस का गजब का कारनामा, हाथ नहीं लगा सुराग; फिर भी पकड़ा चोर
कोटद्वार में ऑनलाइन गेमिंग के शौकीन एक युवक ने अपने ही घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया।


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जागरण संवाददाता, कोटद्वार। ऑनलाइन गेमिंग के शौकीन एक युवक ने अपने ही घर में सेंधमारी कर दी। दिलचस्प बात तो यह है कि इसी शौक के चलते वह पुलिस के चंगुल में आ गया।
दरअसल, बैंक लेनदेन की जांच में स्पष्ट हुआ कि युवक ऑनलाइन गेमिंग में पैसा लगा रहा था और अधिक पैसा जीतने के चक्कर में उसने ही अपने घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
बताते चलें कि बीती एक अगस्त को पदमपुर निवासी मनमोहन सिंह बीती 31 जुलाई की रात परिवार के साथ अपने एक मित्र की सेवानिवृत्ति की पार्टी में गए हुए थे। रात्रि करीब सवा दस बजे जब वे घर लौटे तो घर का ताला टूटा हुआ था और तमाम सामान यहां-वहां बिखरा हुआ था।
हाथ नहीं लगा कोई सुराग
उन्होंने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। चोर घर से सोने के कुंडल, झुमके, चेन सहित अन्य जेवरात ले गए। कोतवाली प्रभारी प्रदीप नेगी ने दी गई तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने कई तरीकों से जांच की। लेकिन, कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
पूछताछ के दौरान पुलिस को मनमोहन सिंह के पुत्र अमन की गतिविधियां संदिग्ध लगी। सूत्रों की मुताबिक पुलिस ने अमन की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। जिसके बाद चोरी की तमाम कड़ियां आपस में जुड़ती चली गई। पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट के आधार पर यह पाया कि अमन ऑनलाइन गेमिंग का शौकीन था व ऑनलाइन गेमिंग पर धनराशि व्यय कर रहा था।
पुलिस ने अमन से सख्ती से पूछताछ शुरू की तो पूरी योजना सामने आ गई। पता चला कि अधिक धनराशि जीतने के चक्कर में उसने स्वयं ही घर में चोरी की योजना तैयार की। पुलिस ने अमन की निशानदेही पर चोरी गए तमाम जेवरात बरामद कर दिए।
