जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल : गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से एलटीसी क्लेम को लेकर अनियमितता की शिकायत पर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर कुलपति ने एक कमेटी गठित कर मामले को लेकर दो हफ्ते के अंदर रिपोर्ट देने को भी कहा है। बीते अक्टूबर महीने में गढ़वाल विवि के कुलसचिव डॉ. एके झा ने तत्कालीन कुलपति को प्रो. डीएस नेगी से संबंधित एलटीसी क्लेम के मामले को लेकर कार्रवाई के लिए लिखा था। जिसकी प्रति केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को भी प्रेषित की गयी थी। उसी पर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के उपसचिव ने विश्वविद्यालय से इस मामले में उचित कार्रवाई करने को कहा है। दूसरी ओर इस मामले के प्रमुख शिकायतकर्ता और आरटीआइ कार्यकर्ता संतोष मंमगाई का कहना है कि एलटीसी क्लेम मामले में सीबीआइ अपनी जांच में विश्वविद्यालय की 13 फैकल्टियों को दोषी ठहराने के साथ ही विश्वविद्यालय से इस मामले में कार्रवाई करने को भी कह चुकी है। ऐसी स्थिति में पुन: जांच करने या कमेटी बनाने का औचित्य नहीं है। संतोष मंमगाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करते हुए कहा है कि इस मामले में अब सीधी कार्रवाई की जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि इसी एलटीसी क्लेम मामले को लेकर आरटीआइ कार्यकर्ता संतोष मंमगाई लगभग एक वर्ष पूर्व श्रीनगर कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज करवा चुके हैं। पुलिस की जांच भी अब अंतिम चरण में बतायी जा रही है।

एलटीसी क्लेम का मामला गढ़वाल विश्वविद्यालय में रह रहकर गरमाता रहता है। आरटीआइ कार्यकर्ता और सोसायटी फार रिवॉल्यूशन अंगेस्ट करप्शन के महासचिव संतोष मंमगाई का कहना है कि विश्वविद्यालय की 13 फैकल्टियों ने एलटीसी क्लेम को लेकर अनियमित भुगतान विश्वविद्यालय से लिया है जो वित्तीय गड़बड़ी के अंतर्गत आता है। उनका कहना है कि इस मामले में उनकी ओर से की गयी शिकायत पर सीबीआइ ने जांच कर मामले को सही भी पाया। लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। कार्रवाई को लंबित किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर इसी एलटीसी क्लेम से संबंधित प्रो. डीएस नेगी से संबंधित मामले में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देशानुसार उचित कार्रवाई करने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक जांच कमेटी गठित की है। प्रो. आरएस राणा की अध्यक्षता में गठित यह कमेटी विश्वविद्यालय प्रशासन को शीघ्र अपनी रिपोर्ट देगी।

By Jagran