यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग पर डामरीकरण शुरू
संवाद सूत्र, कलालघाटी: राज्य गठन के बाद पहली बार लालढांग-चिलरखाल वन मोटर मार्ग पर वाहनों को सरपट दौड़

संवाद सूत्र, कलालघाटी: राज्य गठन के बाद पहली बार लालढांग-चिलरखाल वन मोटर मार्ग पर वाहनों को सरपट दौड़ाने का सपना सच होता नजर आने लगा है। लोक निर्माण विभाग की दुगड्डा इकाई ने इस मार्ग पर डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया है।
राज्य गठन के बाद से ही गढ़वाल-कुमाऊं को राज्य की सीमा के भीतर जोड़ने के लिए कंडी रोड (हरिद्वार-लालढांग-चिलरखाल-कोटद्वार-पाखरो-कालागढ़) के डामरीकरण की मांग उठती रही। कभी राजनैतिक महत्वाकांक्षा सड़क में रोड़ा बनी तो कभी पर्यावरणविद्दों ने मार्ग निर्माण में रोड़े अटकाए, लेकिन प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डा.हरक सिंह रावत ने कोटद्वार विधानसभा में कदम रखते ही कंडी रोड के अंतर्गत पड़ने वाले लालढांग-चिलरखाल वन मोटर मार्ग को डामरीकृत करने की घोषणा कर दी। सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ तो मामला राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड के साथ ही उच्चतम न्यायालय में भी मामला पहुंचा। लेकिन, डा.रावत ने स्वप्रयासों से तमाम बाधाएं हटाई, जिसके बाद जून 2021 में सड़क निर्माण को हरी झंडी मिल गई। इधर, शासन ने इस मार्ग के सु²ढ़ीकरण व डामरीकरण के लिए 613.30 लाख की धनराशि स्वीकृत कर दी। कार्य शुरू होता, इस बीच बरसात शुरू हो गई।
वन एवं पर्यावरण मंत्री, उत्तराखंड डा.हरक सिंह रावत का कहना है कि क्षेत्र की जनता भली भांति जानती है कि लालढांग-चिलरखाल वन मोटर मार्ग के सुदृढ़ीकरण को किस कदर प्रयास किए गए। आमजन व विभागीय अधिकारियों के सहयोग से आखिर राज्य गठन के दो दशक बाद इस मार्ग पर डामर बिछना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
संदेश : 1 कोटपी 7
कोटद्वार में लालढांग-चिलरखाल वन मोटर मार्ग पर बिछाया जा रहा डामर