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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pauri Cloudburst: पौड़ी ज‍िले के बैंग्वाड़ी गांव के आमसेरा में फटा बादल, पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग छह घंटे रहा बंद

By Sumit KumarEdited By:
Published: Sun, 30 May 2021 08:15 AM (IST)Updated: Sun, 30 May 2021 10:29 PM (IST)

पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग पर बैंग्वाड़ी गांव के आमसेरा स्थान पर तड़के बादल फटने से आए मलबे में पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग ...और पढ़ें

पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग पर आमसेरा स्थान पर तड़के बादल फटने से आए मलबे में पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग बंद हो गया।
पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग पर आमसेरा स्थान पर तड़के बादल फटने से आए मलबे में पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग बंद हो गया।

जागरण संवाददता, पौड़ी: उत्तराखंड में पौड़ी जिले के बैंग्वाड़ी गांव के समीप आमसेरा तोक में रविवार तड़के बादल फटने से अफरा-तफरी मच गई। इस घटनाक्रम में गांव के कई संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गए। इसके अलावा दो गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हो गए। भारी मलबा आने से पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग करीब छह घंटे बंद रहा। गनीमत यह रही कि घटना गांव से कुछ दूरी पर होने के कारण जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। 

ग्राम प्रधान मधु खुगशाल ने बताया कि बादल फटने की घटना रात्रि करीब साढे तीने बजे की है। तेज बारिश और आवाज आई। इससे पहले रात को कोई कुछ समझ पाता आमसेरा तोक में बादल फटा। उनका कहना है कि भारी मलबा आने से समीप ही गोशाला में बधी तीन मवेशियों को सुरक्षित निकाला गया। इस दौरान गदेरे में भारी मलबा आने से पौड़ी-श्रीनगर राजमार्ग के समीप पार्क दो दुपहिया वाहन लापता हो गए थे, जिनमें रेस्क्यू के दौरान एक बाइक बरामद कर ली गई। पर, स्कूटी अभी भी लापता है। 

ग्रामीण प्रफ्फुल ममगाईं की कार को नुकसान पहुंचा है। साथ ही उनकी गौशाला की एक ओर की दीवार को भी नुकसान पहुंचा है। ग्राम प्रधान मधु खुगशाल ने बताया कि घटना की सूचना समय पर आपदा कंट्रोल रुम, पुलिस व राजस्व विभाग को दे दी गई थी। राजस्व पुलिस की लेटलतीफी पर उन्होने नाराजगी भी जताई। पुलिस और  अन्य समय पर पहुंच गए थे। 

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एसडीएम सदर श्याम सिंह राणा ने बताया कि घटना की सूचना पर मौके का निरीक्षण किया गया। कहा कि कुछ कृषि योग्य भूमि भी मलबे की चपेट में आई है। इसके अलावा नजदीकी गांवों के संपर्क मार्ग भी ध्वस्त हुए है। गनीमत यह रही कि घटना आबादी क्षेत्र से कुछ दूरी पर हुई अन्यथा बड़ी घटना घट सकती थी। 

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