संवाद सहयोगी, लैंसडौन: ब्रिगेडियर हरमीत सेठी ने कैंट प्रशासन को नगर में घूम रहे आवारा गोवंश को गैंडीखाता स्थित गोशाला में भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए सेना के खेल मैदान को उपलब्ध कराने की बात कही है।

शनिवार को छावनी परिषद कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में ब्रिगेडियर हरमीत सेठी ने जन समस्याएं सुनी। कहा कि प्रतिमाह इस तरह का आयोजन कर जन समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। पेयजल समस्या के संदर्भ में उन्होंने बताया कि छावनी परिषद को दी जाने वाली 22 हजार गैलन की सप्लाई को बढ़ाकर 27 हजार गैलन कर दिया गया है। छावनी कर्मियों को वेतन व पेंशन का भुगतान न होने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि जल्द ही कर्मियों की इस समस्या का निस्तारण कर दिया जाएगा।

सेवानिवृत्त कर्नल चंद्रपाल पटवाल ने ब्रिगेडियर का ध्यान नगर क्षेत्र के छात्रों के लिए खेल मैदान के साथ, सार्वजनिक पुस्तकालय, गांधी चौक से छावनी परिषद तक कैंट की सड़क की मरम्मत, कर्मचारियों का अवशेष भुगतान, शुद्ध पेयजल व पेयजल की आपूर्ति की मात्रा बढ़ाने की ओर उत्कृष्ट करवाया। अभ्युदय परिवार की मुख्य संयोजक भावना वर्मा व विपिन जोशी ने मुख्य डाकघर के निकट टूटी हुई सड़क की रैलिग की मरम्मत करने, आवारा पशुओं पर अंकुश लगाने के साथ ही पौधारोपण के लिए जगह उपलब्ध करवाने की मांग रखी। कार्यक्रम में छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी शिल्पा ग्वाल भी मौजूद रही।

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बारिश होने व सूचना न मिलने से कम पहुंचे फरियादी

कैंटवासियों की समस्याएं सुनने के लिए ब्रिगेडियर हरमीत सेठी के पहले जनता दरबार की सूचना सही तरीके से प्रचारित नहीं की गई। नतीजा, जनता दरबार में चुनींदा लोग ही पहुंच पाए। छावनी परिषद ने जनता दरबार की सूचना सार्वजनिक रूप से प्रचारित करने के बजाय वाट्सएप पर भेजी। कैंटवासियों का कहना है कि पूर्व में छावनी परिषद सभी महत्वपूर्ण सूचनाओं को कूड़ा गाड़ी में लाउडस्पीकर लगाकर प्रसारित करता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया।

Edited By: Jagran