जागरण संवाददाता, पौड़ी: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी. रेणुका देवी ने कहा कि सड़कों पर आवारा घूम रहे पशुओं के कारण कई बार यातायात अवरुद्ध हो जाता है। इसके अलावा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कहा कि इस पर प्रभावी रोकथाम के लिए विभाग की ओर से आपरेशन कामधेनु कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके बेहतर परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।

पुलिस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में एसएसपी ने कहा कि सड़कों पर आड़े-तिरछे वाहन खड़े करके वाहनों की मरम्मत करने वाले गैराज संचालकों के खिलाफ भी चालानी कार्रवाई लगातार जारी है। कहा कि पिछले डेढ़ महीने से आपरेशन कामधेनु चलाया जा रहा है, जिसके तहत पशु मालिकों को अपने पशुओं को सड़कों पर नहीं छोड़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही अभी तक जिले में अपने पशुओं को सड़कों पर छोड़ने पर 108 व्यक्तियों का चालान भी किया जा चुका है। इसके साथ ही जिले में अभी तक 945 पशुओं पर टैगिग के साथ ही पशुपालन विभाग में पंजीकरण भी किया जा चुका है। एसएसपी पी. रेणुका देवी ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में व्यक्तियों को घरेलू हिसा, साइबर अपराध आदि विषयों पर जागरूक करने के लिए भी लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सभी से अपने पशुओं का पशुपालन विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाकर टैग लगाने, अपने पशुओं को सड़कों में आवारा न छोड़ने की अपील की है। बताया कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पशु स्वामी के खिलाफ उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम व गोवंश संरक्षण(संशोधन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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