हल्द्वानी, जेएनएन : कालाढूंगी थानाक्षेत्र की छात्रा को स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौटते समय बहला-फुसलाकर लेकर जाने और गैबुआ के जंगल में उससे अश्लील हरकतें करने वाले राजमिस्त्री को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। राजमिस्त्री को पांच साल की सजा के साथ ही अलग-अलग धाराओं में 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि रामनगर के खत्याड़ी निवासी राजमिस्त्री जुनैद पुत्र हसमत अली ने कालाढूंगी के एक घर में काम किया था। इसी दौरान उसकी बातचीत छठवीं कक्षा की 12 वर्षीय छात्रा से होने लगी। 14 मई 2018 को वह स्कूल से घर लौट रही थी। इसी दौरान जुनैद छात्रा को बहला-फुसलाकर घर छोडऩे के बहाने बाइक पर बैठाकर रामनगर की ओर से ले गया और गैबुआ के जंगल में शादी का झांसा देकर उससे अश्लील हरकतें शुरू कर दीं।

छात्रा के घर नहीं पहुंचने पर पिता की शिकायत पर पुलिस ने तलाश शुरू की तो बेलपड़ाव चौकी के तत्कालीन प्रभारी सुशील जोशी ने बाइक से आ रहे जुनैद को पकड़कर छात्रा को बरामद कर लिया। दोनों को कालाढूंगी थाने लाया गया, जहां छात्रा के पिता ने जुनैद के विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। ये मामला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो मनीष पांडे की अदालत में चला। विवेचक दारोगा रजनी आर्या ने सभी धाराओं में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए। अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि न्यायालय ने जुनैद को धारा 363 के तहत पांच साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना, 366 के तहत पांच साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 354 के तहत तीन साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना, 7/8 पॉक्सो अधिनियम के तहत चार साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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Posted By: Skand Shukla

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