जागरण संवाददाता, चम्पावत : 12 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्यबहिष्कार कर रही आशा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को लगातार चौथे दिन कलक्टे्रट में प्रदर्शन किया। सीएमओ डा. आरपी खंडूरी ने कलक्ट्रेट पहुंचकर आशाओं से काम पर लौटने की अपील की। कहा कि विभाग की सहानुभूति आशाओं के साथ है। लेकिन मांगे मानना, न मानना सरकार के हाथ में है। आशाओं ने कहा कि सीएमओ उनकी मांगे मान लेने का शासनादेश लेकर आएं तो वे तत्काल काम पर लौट आएंगी।

संगठन जिला उपाध्यक्ष हेमा जोशी ने सीएमओ के सम्मुख अपनी मांगे प्रमुखता से रखीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संदेश शीर्षक से स्वरचित कविता प्रस्तुत की। कहा कि सरकार आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे कार्यों को नजरअंदाज कर रही है। सीमित संसाधन, सुविधा और मानदेय के बाद भी वे अपना कार्य बखूबी कर रही हैं। आशाओं ने न्यूनतम मानदेय 21 हजार करने, सेवानिवृत होने पर पेंशन का प्रावधान करने, कोविड कार्य में लगी सभी आशा वर्कर्स को 10 हजार रुपये मासिक भत्ते का भुगतान करने, पचास लाख का जीवन बीमा और दस लाख का स्वास्थ्य बीमा लागू करने, कोराना डयूटी में मृत आशा वर्करों के आश्रितों को पचास लाख का बीमा और चार लाख का अनुग्रह अनुदान भुगतान करने आदि मांगें माने बिना आंदोलन से नहीं हटने की बात कही। आशाओं के कार्य बहिष्कार से कोरोना टीकाकरण अभियान प्रभावित हो रहा है। इस मौके पर ब्लाक अध्यक्ष रुक्मणी जोशी, लक्ष्मी रैंसवाल, मीरा पंत, लक्ष्मी पांडेय, लता भट्ट, सीता चौधरी, ऊषा तड़ागी, माया देवी, माधवी बरदोला, चंद्रकला पांडेय, सुनीता देवी, लक्ष्मी देवी, चंद्रकला सक्ट सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रही।

टनकपुर में भी गरजी आशा वर्कर्स

12 सूत्रीय मांगों को लेकर आशाओं का धरना प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। उन्होंने लीला ठाकुर के नेतृत्व में संयुक्त चिकित्सालय के गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। कहा कि जब तक राज्य सरकार उनकी मांगें पूरा नहीं करती वे धरना प्रदर्शन जारी रखेंगी। धरना देने वालों में पूजा चौड़ाकोटी, मुन्नी जोशी, कमला जोशी, रीता देवी, शकुंतला भंडारी, कविता बसेड़ा, सिखा कुंवर, गीता खर्कवाल, विमला बिष्ट, नजमा खातून, शान्ति उप्रेती, भुवनेश्वरी भट्ट, कमला जोशी, सावित्री बिष्ट, निर्मला महर, हीरा बोरा, हेमा, चंद्रा देवी आदि शामिल रहीं।

Edited By: Prashant Mishra