संवाद सहयोगी, रामनगर: कॉर्बेट पार्क में वन मंत्री द्वारा सफ ारी के लिए 50 जिप्सियों को बढ़ाने का मामला सीटीआर प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। कॉर्बेट द्वारा आपसी सामंजस्य के लिए गठित इको विकास समिति के लोगों को जिप्सियों के पंजीकरण में मौका न देने से ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने शुक्रवार को झिरना व ढेला जोन में पर्यटकों की आवाजाही ठप करने की चेतावनी दी है।

बुधवार को गाव की इको विकास समिति से जुड़े ग्रामीणों ने बैठक की। ग्रामीणों का कहना था कि कार्बेट में सफ ारी के लिए 250 जिप्सियों का पंजीकरण है। पूर्व में वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कॉर्बेट कार्यालय में बैठक कर इको विकास समिति से जुड़े ग्रामीणों को जिप्सियों के रोजगार से जोड़ने की बात कही थी। उन्होंने कॉर्बेट में सफ ारी के लिए जिप्सियों के पंजीकरण में इको विकास समिति के लोगों को मौका देने के लिए कहा था। लेकिन बीते दिनों अधिकारियों ने 50 जिप्सियों का पंजीकरण कर दिया। उसमें समिति के लोगों को मौका नहीं दिया गया। उन्होंने तय किया कि यदि गुरुवार तक 50 जिप्सियों का पंजीकरण रद नहीं हुआ और उन्हें रोजगार के लिए मौका नहीं दिया तो वह 15 नवम्बर को कॉर्बेट पार्क के झिरना व ढेला पर्यटन जोन को जाने वाले मार्ग में अवरोध पैदा कर पर्यटकों को सफ ारी में जाने से रोक देंगे। ग्रामीणों की इस चेतावनी से कॉर्बेट प्रशासन असमंजस में है। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। बैठक में ललित उप्रेती, महेश जोशी, ओमप्रकाश गौड़, संजय कडाकोटी, आनंद सती, दयाल नेगी, कमल रावत, तारा बेलवाल, संजय मेहता, हर्षित पाडे, मोहन बेलवाल मौजूद रहे।

उधर पार्क वार्डन शिवराज चंद्र द्वारा बताया गया कि ग्रामीणों की चेतावनी के संदर्भ में प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।

Posted By: Jagran

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