बागेश्वर, जागरण संवाददाता : काफलीकमेड़ा गांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अतिवृष्ष्टि से काफलीकमेड़ा गांव में अवासीय मकान, कृषि भूमि और पैदल पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। नवनिर्मित पंचायतघर को भी खतरा पैदा हो गया है। लेकिन नौ दिन बीत जाने के बावजूद भी शासन-प्रशासन ने गांव की सुध नहीं ली है। उन्होंने नुकसान का आंकलन लेने और प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की।

क्षेत्र पंचायत सदस्य चामू देवली के नेतृत्व में ग्रामीण सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि गत 11 जून काफलीकमेड़ा गांव में भारी बारिश हुई। जिससे धाम सिंह पुत्र शेर सिंह का आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया। तारा सिंह, बहादुर सिंह, चामू सिंह, बलवंत सिंह, पदम सिंह, केशर सिंह, धन सिंह, भूपाल सिंह, श्याम सिंह, अमर सिंह, लछम सिंह दुर्गा सिंह, पुष्पा देवी, दुर्गा सिंह, योगेश सिंह, दान सिंह, गंगा सिंह, भूजन सिंह मोहन सिंह समेत पूरे गांव के लोगों के आवासीय घरों को खतरा पैदा हो गया है।

सड़क और नहर ध्वस्त हो गई है और नाप खेतों में मलबा भर गया है। जिससे खेती भी दब गई है। इसके अलावा घटबगड़ और पूराकुंड में पैदल पुलिया भी बह गई हैं। लगातार बारिश होने से रास्ते, विद्युत पोल, पेयजल लाइन आदि क्षतिग्रस्त चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन ग्रामीणों की सुध नहीं ले रहा है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। इस दौरान पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, मुन्नी देवी, श्याम सिंह, हीरा सिंह आदि मौजूद थे।

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Edited By: Skand Shukla