'एक दिन पहले रिटायर कर्मी को वेतन वृद्धि के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता'; हाईकोर्ट का अहम फैसला
उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि वेतन वृद्धि की तारीख से एक दिन पहले सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारी को वेतन वृद्धि से वंचित नहीं किया जा सकता।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
उच्च न्यायालय ने वेतन वृद्धि से वंचित करने पर रोक लगाई।
सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले भी वेतन वृद्धि मिलेगी।
रमाकांत राम को वेतन वृद्धि और पेंशन लाभ।
जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाई कोर्ट ने कहा है कि किसी सरकारी कर्मचारी की वेतन वृद्धि देने से इसलिए इनकार नहीं किया जा सकता, वह उस तारीख से एक दिन पहले सेवा निवृत्त हो गया था, जिस दिन वेतन वृद्धि मिलनी थी।
कोर्ट ने सरकारी कर्मचारी रमाकांत राम की याचिका पर सरकार को पहली जुलाई, 2016 को मिलने वाली वेतन वृद्धि देने और उसी के अनुसार उनकी पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े अन्य लाभों को संशोधित करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल पौड़ी गढ़वाल में शिक्षा विभाग में सेवारत रमाकांत 30 जून, 2016 को सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी शिकायत यह थी कि उन्हें अगले दिन, यानी पहली जुलाई, 2016 को मिलने वाली वेतन वृद्धि नहीं दी गई, इसलिए कि पहली जुलाई को सेवा में नहीं थे।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया।
सरकार की ओर से याचिका का विरोध कतरे हुए कहा कि 31 दिसंबर, 2024 को जारी एक सरकारी आदेश को 11 अप्रैल, 2023 से लागू किया गया था।
न्यायाधीश न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने सरकार की दलील को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा अब नया या अनसुलझा नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय सीधे तौर पर याचिकाकर्ता पर लागू होता है। इसलिए वेतन वृद्धि की तारीख से एक दिन पहले रिटायर होने से दावे को निरस्त नहीं किया जा सकता।
