ईट भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के मामले में जवाब दाखिल करे सरकार, उत्तराखंड हाई कोर्ट ने दिए निर्देश
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के अधिकारों और उनके पुनर्वास से जुड़े मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है।

ईट भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के मामले में जवाब दाखिल करे सरकार।
HighLights
राज्य सरकार से ईंट भट्ठा मजदूरों के अधिकारों पर जवाब मांगा।
गृह सचिव को व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया।
बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास हेतु उठाए कदमों का ब्योरा मांगा।
जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाई कोर्ट ने राज्य के ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के अधिकारों और उनके पुनर्वास से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जबाव दाखिल करने को कहा है।
गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले में गृह सचिव को व्यक्तिगत रूप से शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने सरकार से स्पष्ट रूप से पूछा है कि बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए श्रमिकों के पुनर्वास के लिए अब तक कानून के तहत क्या ठोस कदम उठाए गए हैं, क्या इसके लिए संबंधित कमेटियों का गठन किया गया है और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए क्या कार्रवाई की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन सप्ताह बाद की तिथि तय की गई है।
यह पूरा मामला अनिल कुमार समेत अन्य श्रमिकों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ईंट भट्ठों पर मजदूरों को बंधुआ बनाकर काम कराया जा रहा है। उन्हें नियमानुसार मिलने वाले कानूनी लाभों से वंचित रखा जा रहा है। याचिका दायर होने के बाद पीड़ित मजदूरों को वहां से मुक्त कराया गया था।
2024 में एकलपीठ ने भी गृह सचिव को इस संबंध में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था, लेकिन समय पर जवाब प्रस्तुत न होने के कारण मामला अब खंडपीठ के समक्ष पहुंचा है, जिसने सख्त रुख अपनाते हुए पूरी कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा है।
