यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड में सीएम पोर्टल पर 30 दिन में समाधान का दावा, डेढ़ साल से लंबित हैं शिकायतें
CM Portal में आने वाली शिकायतों के समाधान का नियम 30 दिन है। सीएम पोर्टल में शिकायत पहुंचते ही संबंधित ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: सीएम पुष्कर सिंह धामी एक्शन मूड में हैं। वह कई बार दोहरा चुके हैं कि किसी व्यक्ति को अपनी समस्या के लिए परेशान न होना पड़े। इधर, अधिकारी सीएम पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। तीन शिकायतें सीएम पोर्टल को आईना दिखा रही हैं। ऐसी कई और शिकायतें हैं जो डेढ़ साल से लंबित हैं। शिकायतों का समय से समाधान नहीं होने पर लोगों का सीएम पोर्टल से विश्वास उठ रहा है।
ये हैं नियम
सीएम पोर्टल में आने वाली शिकायतों के समाधान का नियम 30 दिन है। सीएम पोर्टल में शिकायत पहुंचते ही संबंधित विभाग के पास पहुंच जाती हैं। मामले की जांच के बाद अधिकारियों को सीएम पोर्टल पर यह बताता होता है कि उस शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई। इसकी समय-समय पर मानिटरिंग की जाती है। मगर कई शिकायतों को अधिकारी दबा जाते हैं।
केस-1
अल्मोड़ा चुपड़ा निवासी हरीश सिंह ने सीएम पोर्टल पर शिकायत करते हुए लिखा है कि जैंती तहसील के ग्राम चुपड़ा अल्मोड़ा में पीएमजीएसवाई के तहत सड़क बनाई गई थी। सड़क बनने के कुछ समय बाद हमारी सुरक्षा दीवार व शौचालय गिर गया। मकान को भी खतरा बना हुआ है। तब संबंधित विभाग के अधिकारियों ने काम कराने की बात कही। लेकिन बाद में अपनी जिम्मेदारी से बचने लगे। इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर 26 मई 2021 को की। आज तक इसकी सुनवाई नहीं हो सकी।
केस-2
तल्ली हल्द्वानी निवासी राजेंद्र नेगी ने शिाकयत करते हुए लिखा कि वर्ष 2021 में सीएम पोर्टल पर जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारियों की शिकायत दर्ज कराई थी। मानकों के अनुसार पीआरडी जवानों को छह माह से अधिक समय तक एक विभाग में डयूटी नहीं दी जा सकती है। मगर कर्मचारी सालों से एक विभाग में नौकरी कर रहे हैं। इस शिकायत का न तो कोई जवाब आया और न ही समाधान हो सका है।
केस-3
सीएम पोर्टल पर शिककायत करते हुए गौलापार के दीप बर्गली कहते हैं कि कोआपरेटिव बैंक की कैंटीन को एक व्यक्ति नियम ताक पर रखकर चला रहा है। इसकी शिकायत बैंक से की तो समाधान नहीं हुआ। सीएम पोर्टल पर सात माह पहले शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों की हीलाहवाली से शिकायत हल नहीं हो सकी है।